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बन कर तैयार हुआ नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर, अप्रैल-मई से चलेगी मेट्रो

इस गार्डर को खड़ा करने के साथ लगभग 30 किलोमीटर लंबे बायाडक्ट का 100 फीसद काम पूरा हो गया।

Author नोएडा | November 8, 2017 4:08 AM
दिल्ली मेट्रो।

डीएमआरसी व एनएमआरसी के संयुक्त अधिकारियों की मौजूदगी में मंगलवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर का अंतिम गार्डर खड़ा किया गया। इस गार्डर को खड़ा करने के साथ लगभग 30 किलोमीटर लंबे बायाडक्ट का 100 फीसद काम पूरा हो गया।  इस रूट पर जनवरी के पहले हफ्ते से मेट्रो का परीक्षण शुरू होगा। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर द्वारा सुरक्षा मानकों की जांच के बाद अप्रैल-मई में मुसाफिरों के लिए मेट्रो का संचालन शुरू किया जाएगा। इस दौरान डीएमआरसी के निदेशक मंगू सिंह व एनएमआरसी के निदेशक आलोक टंडन के अलावा कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर पर इस बायाडक्ट का निर्माण प्री कास्ट पायर कैप और प्री कास्ट यू गार्डर की खास तकनीक से किया गया था। गार्डर को लगाने में 350/400 टन क्षमता वाली विशेष के्रन की जरूरत थी। साथ ही इनको ले जाने के लिए भी विशेष ट्रेलर का प्रयोग किया गया।

यह पूरा रूट एलिवेटेड कॉरिडोर है, जिस पर 21 मेट्रो स्टेशन हैं। पूरा कॉरिडोर स्टैंडर्ड गेज पर है और साथ ही डेडिकेटेड रेल फ्रंट कॉरिडोर के नीचे से गुजरता है। यह यमुना-आगरा फ्लाईओवर के ऊपर भी 21 मीटर तक गुजरता है, जो नॉलेज पार्क-2 मेट्रो स्टेशन के पास कॉरिडोर का सबसे ऊंचा स्थान है। गार्डर डालने के साथ ही इसका बॉयाडक्ट का 100 फीसद काम पूरा कर लिया गया। वहीं, फिनिशिंग का करीब 10 फीसद काम बचा है। इसके अलावा ट्रैक बिछाने का काम भी लगभग पूरा किया जा चुका है।

दस दिन में मिलेगा एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से पैसा
ग्रेटर नोएडा रूट के निर्माण में करीब 5500 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। फंड का कुछ हिस्सा केंद्र की ओर से भी आना है। इसको लेकर हाल ही में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी हो चुकी है। वहीं, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से भी पैसा जल्द ही मिलेगा। इसके लिए अगले हफ्ते प्लानिंग बोर्ड की एक टीम पूरे रूट का निरीक्षण करेगी। इसके बाद एक रिपोर्ट बनाकर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में जमा की जाएगी, जिसके बाद वहां से पैसा जारी किया जाएगा।
सुरक्षा मानकों की होगी जांचग्रेटर नोएडा रूट पर ट्रेनों का परीक्षण शुरू होने के बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर की ओर से इसके मानकों की जांच की जाएगी। इसके बाद उनके द्वारा बताई गई खामियों को दूर किया जाएगा। ऐसे में मेट्रो का संचालन शुरू होने में कुछ और समय भी लग सकता है।

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