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नोएडा के मनमाने खर्च और बजट पर लगेगी रोक, कैग करेगा ऑडिट

आषीश दुबे नोएडा के बजट और वित्तीय मनमानी पर अंकुश लगने जा रहा है। अभी तक कैग जैसी संस्थाओं से प्राधिकरण के हजारों करोड़ रुपए के वित्तीय वजट की आॅडिट नहीं कराया जाता था। मगर अब इस पर रोक लगेगी। प्राधिकरण की बोर्ड बैठकों में मंजूर हुई परियोजनाओं के वित्तीय बजट का आॅडिट अब सीएजी […]
Author नोएडा | July 13, 2017 05:47 am
प्रतीकात्मक तस्वीर।

आषीश दुबे

नोएडा के बजट और वित्तीय मनमानी पर अंकुश लगने जा रहा है। अभी तक कैग जैसी संस्थाओं से प्राधिकरण के हजारों करोड़ रुपए के वित्तीय वजट की आॅडिट नहीं कराया जाता था। मगर अब इस पर रोक लगेगी। प्राधिकरण की बोर्ड बैठकों में मंजूर हुई परियोजनाओं के वित्तीय बजट का आॅडिट अब सीएजी (कैग) करेगा। बताया गया है कि इसी हफ्ते से बोर्ड बैठक से जुड़े दस्तावेज और फाइलों को खंगालने का काम शुरू हो जाएगा। उधर, कैग से आॅडिट कराए जाने की सूचना के बाद प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है।  उल्लेखनीय है कि हजारों करोड़ रुपए का वित्तीय बजट बनाने वाले नोएडा प्राधिकरण को मौजूदा समय में खर्चे उठाने भारी पड़ रहे हैं। जिसके कारण प्राधिकरण को नई विकासशील परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डालना पड़ रहा है। लचर वित्तीय स्थिति की वजह फिजूलखर्ची मानी गई है। जिस कारण निर्माणाधीन बड़ी परियोजनाओं के बजट में भी कटौती की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न महकमों पर प्राधिकरण का करीब 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया है। जिसे वसूलने के लिए नोटिस भी भेजे गए हैं।

इस रकम से तकरीबन दोगुनी धनराशि बिल्डरों और जमीन आबंटियों पर बकाया है। आॅडिट कराए जाने की सूचना के बाद प्राधिकरण अफसर सकते में आ गए हैं। पिछले 5 सालों के दौरान जितनी भी बोर्ड बैठक में मंजूर हुई परियोजना, नीतियां, वित्तीय स्थिति और बजट से जुड़ी फाइलों का आॅडिट कैग करेगी। इसके लिए जल्द ही कैग की एक टीम प्राधिकरण का दौरा कर सकती है। इसके मद्देनजर प्राधिकरण अधिकारी अपने-अपने विभागों से जुड़ी फाइलों को दुरुस्त करने में लग गए हैं। ताकि मांगे जाने पर फाइल तत्काल उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि आॅडिट का असर प्राधिकरण की नीतियों पर पड़ेगा। जिसके चलते कई पूर्व अधिकारियों से कड़ी पूछताछ की जा सकती है। वहीं दूसरी तरफ प्राधिकरण में हुए घोटालों की जांच भी सीबीआइ कर रही है। पिछले कुछ दिनों से सीबीआइ की नोएडा प्राधिकरण में गहमा- गहमी बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार रोजाना 2-3 अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। मंगलवार को सीबीआइ की टीम ने प्राधिकरण कार्यालय में कई अधिकारियों से पूछताछ की थी। वहीं, बुधवार को फाइलों को लेकर कई अधिकारियों को सीबीआइ ने अपने आॅफिस बुलाया था। माना जा रहा है कि सीबीआइ भी घोटालों को लेकर बड़ा खुलासा कर सकती है।

 

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