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देवी-देवताओं की तस्वीरें किस मस्जिद में पाई जाती हैं- पूछने लगे अमिश देवगन, बोले मुस्लिम पैनलिस्ट- अगर औरंगजेब को तोड़ना होता तो नंदी जी को भी तोड़ दिया होता

Gyanvapi Mosque सर्वे में देवी- देवताओं की तस्वीरें मिलने का दावा हिन्दू पक्ष की ओर से किया जा रहा है।

Gyanwapi Mosque| manglore| masjid |
ज्ञानवापी परिसर (फोटो: पीटीआई)

देश में इन दिनों ज्ञानवापी मस्जिद परिसर को लेकर बहस जोरों पर है। मुस्लिम पक्ष का दावा कर रहा है कि ज्ञानवापी शुरू से ही एक मस्जिद जबकि हिन्दू पक्ष दावा कर रहा है कि क्रूर मुगल शासक औरंगजेब ने बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण करवाया। इसी मुद्दे को लेकर न्यूज़ 18 इंडिया पर डिबेट हुई, जिस पर शो के एंकर अमिश देवगन ने मुस्लिम पैनलिस्ट से तीखे सवाल पूछे।

मस्जिद में देवी- देवताओं की तस्वीरें क्यों?

एंकर ने मुस्लिम पैनलिस्ट सवाल पूछते हुए कहा कि अंग्रेज अधिकारी वॉटसन ने अपनी किताब में क्यों मस्जिद को लेकर सवाल उठाए और कहा कि मंदिरों के बीच में मस्जिद कैसे हो सकती हैं? दुनिया की कोई भी और ऐसी मस्जिद है जहां पर दीवारों पर देवी-देवताओं की तस्वीरों मिलती है।

इस पर मुस्लिम पक्ष से आए पैनलिस्ट ने कहा कि नंदी जी को 19वीं शताब्दी में नेपाल के राजा की ओर से स्थापति किया गया था। अगर औरंगजेब को तोड़ना होता तो नंदी जी को भी तोड़ दिया होता। इस पर शो में आए दर्शक ने सवाल पूछा कि क्या पुराने समय जो गलत हुआ उस पर आगे आकर मुसलमान भाई- बहनों को भाईचारे की मिसाल नहीं कायम करनी चाहिए।

भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी इस पर बोलते हुए 20 वीं सदी हिटलर का उदाहरण देते हुए कहते है कि जर्मनी में ईसाईयों और यहूदियों के बीच एकता का कारण हिटलर है। अगर आज कोई वहां यह कहता है कि यहूदियों का नरसंहार करने वाला आदर्श है। इस पर दुनिया हंसेगी। दूसरी तरह भारत में आज भी एक पक्ष बाबर, औरंगजेब और तुगलक जैसे लुटेरों को अपना हीरो मानता है।

दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष से बोलते हैं आरएसएस वाले हिटलर को अपना आदर्श मानते हैं, जिस पर भाजपा प्रवक्ता कहते हैं कि ये झूठ बोल रहे हैं और फर्जी इतिहास बता रहे हैं।

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