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‘मोदीजी ने पहली किश्त भेजी, वापस नहीं करूंगा’, खाते में गलती से 6.68 लाख आने पर बोला कर्मचारी, हुआ सस्पेंड

पैसे वापस करने के लिए प्रदीप पर जब ज्यादा दबाव डाला गया तो उसने कहा कि वह हर महीना दो-दो हजार रुपए दे सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (सांकेतिक तस्वीरः LSTV)

उत्तर प्रदेश में एक सरकारी कर्मचारी के खाते में गलती से लाखों रुपए आ गए तो उसने यह कहते हैं पैसे लौटाने से इनकार दिया कि मोदी जी ने उसके खाते में पहली किश्त भेजी है। ये रकम शख्स के हमनाम वाले किसी और खाते में जमा की जानी थी जो गलती से उसके खाते में आ गई है। खाते में 6 लाख 38 हजार रुपए जमा किए गए।

दरअसल पूरा मामला प्रदेश की हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी से जुड़ा है। एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक पैसा ना वापस करने के चलते एचबीटीयू प्रशासन ने उक्त कर्मचारी को निलंबित कर दिया। मामले में प्रोफेसर डीएल प्रमार के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दिए गए हैं। कमेटी 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।

बता दें कि पिछले एक महीने से यह मामला चर्चा के केंद्र में है। जानना चाहिए कि यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक और सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर प्रदीप कुमार का कंसलटेंसी पर 6.38 लाख रुपए बकाया था। रकम उनके खाते में जमा की जानी थी मगर हमनाम होने की गलती की वजह पैसा चतुर्थ श्रेणी के प्रदीप कुमार के खाते में चला गया।

गलती सुधारने के लिए प्रशासन ने कुमार से रकम वापस करने को को कहा। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी प्रदीप कुमार ने लिखित में बताया कि वो राशि वापस नहीं करेगा। उसने कहा, ‘यह रकम पहली किस्त के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे भेजी है।’ बताया जाता है कि खाते में रकम आने के दूसरे दिन प्रदीप कुमार ने 4.5 लाख रुपए निकाल लिए और खर्च कर दिए।

पैसे वापस करने के लिए प्रदीप पर जब ज्यादा दबाव डाला गया तो उसने कहा कि वह हर महीना दो-दो हजार रुपए दे सकता है। कई बार पत्र लिखने पर भी उसने पैसा वापस करने से साफ इनकार कर दिया। प्रशासन ने अब उसका बैंक अकाउंट सीज कर रजिस्ट्रार ऑफिस से अटैच कर दिया है।

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