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मेरठ: मुसलमानों ने किया हिंदू युवक का अंतिम संस्कार, अर्थी को कंधा देने निकले तमाम मुस्लिम परिवार

मुस्लिम परिवार के मर्दों ने रमेश की अर्थी को कांधा देकर सूरजकुंड श्मसान घाट तक ले गए जहां परिवार के भूरा ने रमेश की चिता को आग दी।

अपने हिंदू दोस्त की चिता को आग देता मुस्लिम युवक।

जहां पूरे देश में हिंदू-मुसलमान के नाम पर सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशें होती रहती हैं वहीं उत्तर प्रदेश के मेरठ से कौमी एकता की एक लाजवाब मिसाल सामने आई है। यहां अपने हिंदू दोस्त की चिता को आग देकर एक मुस्लिम लड़के ने भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। ये पूरा वाकया मेरठ में लिसाड़ी गेट के खुशहाल कॉलोनी की है। यहां मुस्लिम परिवार के साथ रह रहे रमेश भाटिया नाम के एक हिंदू युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रमेश पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। अस्पताल में तीमारदारी के बाद जब डॉक्टरों ने जवाब दे दिया कि अब रमेश को बचाया नहीं जा सकता तब उस मुस्लिम परिवार ने घर पर लाकर ही रमेश की देखभाल शुरू कर दी। अस्पताल से लौटने के बाद शनिवार को रमेश की मौत हो गई। रमेश की मौत के बाद कॉलोनी के मुसलमानों ने अपने हिंदू जानकारों से अंतिम संसकार की विधाएं पूछी। उसके बाद कॉलोनी के सारे लोग इकट्ठे हुए और पूरे हिंदू रीति रिवाजों के साथ रमेश का अंतिम संसकार किया गया।

रमेश के अंतिम संस्कार की सारी क्रियाएं उसी मुस्लिम परिवार ने पूरी की जिसके साथ रमेश रहता था। घर के मर्दों ने रमेश की अर्थी को कांधा देकर सूरजकुंड श्मसान घाट तक ले गए जहां परिवार के भूरा ने रमेश की चिता को आग दी। पूरे शहर में ये खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। जिस किसी ने भी इस घटना के बारे में सुना वो सब इस परिवार के मुरीद हो गए।

बताया जाता है कि पिछले 20 सालों से रमेश इसी मुस्लिम परिवार के साथ रहता था। वो कहां से आया था उसके परिवार में कौन-कौन है ये उसने कभी किसी को नहीं बताया। रमेश का भूरा के परिवार से रिश्ता इतना घनिष्ठ हो गया कि परिवार की लड़कियां उसे भाई मानने लगी थीं और राखी भी बांधती थी।

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