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गाय के इलाज के लिए मोदी-राजनाथ को किया था ट्वीट, मदद के लिए पहुंचे पुलिसवाले और विहिप कार्यकर्ता

ये कोई आम गाय नहीं थी, इस गाय की बीमारी की सूचना देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को ट्वीट कर दी गई थी।

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मेरठ पुलिस रविवार (19 नवंबर) को अपने रोजाना की ड्यूटी से हटकर एक काम अंजाम देने पहुंची। मेरठ पुलिस के जिम्मे था एक लकवाग्रस्त गाय को मेरठ से बरेली के मवेशी अस्पताल इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) पहुंचाना। ये कोई आम गाय नहीं थी, इस गाय की बीमारी की सूचना देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को ट्वीट कर दी गई थी। गाय की मालकिन ज्योति ठाकुर ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर देश के टॉप लीडरशिप को गाय की बीमारी की सूचना दी। ज्योति ठाकुर ने कहा कि उसकी बीमार गाय को मेरठ से बरेली 200 किलोमीटर दूर तक कोई ट्रक वाला नहीं ले जाना चाहता था क्योंकि ट्रक ड्राइवर कथित गौरक्षकों के आतंक से डरे हुए हैं। मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी रविवार को ज्योति के गांव लाला मुहम्मदपुर पहुंची और गाय को भेजने का बंदोबस्त करवाई। ज्योति ने कहा कि जब पुलिस पहुंची उसके बाद सभी दस्तावेज तैयार किये गये, पुलिस एक पुलिस टीम, एक रेस्क्यू टीम मोनी (गाय) को मदद करने पहुंची।

ज्योति ठाकुर ने कई ‘मोनी’ की मदद के लिए पीएम को कई ट्वीट किये (ट्वीट स्क्रीन शॉट)

ज्योति ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी इस काम में उसकी मदद की। ज्योति ने बताया कि दो कॉस्टेबल और और दो डॉक्टर मोनी की देखरेख के लिए तैनात किये गये थे। ज्योति ठाकुर ने कहा , ‘मेरी गाय मोनी 28 अक्टूबर को बीमार हो गई। एक निजी डॉक्टर से उसका इलाज भी कराया गया। लेकिन दो दिन बाद मोनी अचानक जमीन पर गिर गई। तब मैं उसे सरकारी हॉस्पिटल लेकर गई। मगर वहां भी कोई फायदा नहीं हुआ।’ ज्योति ठाकुर ने आगे बताया कि डॉक्टर ने मुझे आईवीआरआई जाने की सलाह दी, क्योंकि उनके पास ना तो एक्सरे करने के उपकरण है और ना ही विशेष इलाज की कोई सुविधा है।हालांकि उन्होंने पशु-कृषि विभाग और मेरठ पशुचिकित्सा चीफ ऑफिसर से भी मदद मांगी, मगर दोनों ने ही सहायता करने में असमर्थता जताई। बीते गुरुवार को ठाकुर ने जिला न्यायधीश से भी मुलाकात की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।इसके बाद ज्योति ने लगातार पीएम, सीएम, बीजेपी अध्यक्ष, गृहमंत्री को कई ट्वीट किये। इसके बाद आखिरकार मोनी को मदद मिली।

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