यूपी में योगी राज, आज लेंगे शपथ

’केशव प्रसाद मौर्य और डॉक्टर दिनेश शर्मा होंगे उपमुख्यमंत्री ’राज्यपाल राम नाईक आज दिलाएंगे योगी कैबिनेट को शपथ

Author लखनऊ | March 19, 2017 3:58 AM
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गोरखपुुर के गोरखनाथ मंदिर के महंत योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री होंगे। वह रविवार को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और लखनऊ शहर के मेयर डॉक्टर दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।  शनिवार शाम पांच बजे लोकभवन में आयोजित भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव सुरेश खन्ना ने रखा। भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य समेत 11 लोगों ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया। सभी विधायकों ने खड़े होकर प्रस्ताव का समर्थन किया। विधायक दल की बैठक में लिए गए फैसले का औपचारिक एलान बैठक के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने किया। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने केशव मौर्य और दिनेश शर्मा के साथ राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक बहुमत की सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और सुशासन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। भाजपा विधायकों की बैठक में योगी ने कहा कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर लाना ही उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने खुद को मिली जिम्मेदारी पर कहा कि प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए उन्हें दो अनुभवी सहयोगियों की आवश्यकता है। उनकी इस मांग के बाद उत्तर प्रदेश में पहली मर्तबा दो उपमुख्यमंत्रियों को भी शपथ दिलाई जाएगी।

योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य और डॉक्टर दिनेश शर्मा विधायक नहीं हैं। योगी गोरखपुर से सांसद हैं, जबकि केशव इलाहाबाद के फूलपुर से सांसद हैं। वहीं डा. दिनेश शर्मा लखनऊ के महापौर हैं। मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होने के पूर्व विशेष विमान से दिल्ली तलब किए गए योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य ने दोपहर करीब पौने चार बजे लखनऊ लौटने पर वीवीआइपी गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 111 में वेंकैया नायडू के साथ करीब आधे घंटे की गोपनीय बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी।  पांच जनवरी 1972 को गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लाक के एक गांव में पैदा हुए योगी आदित्यनाथ का पुराना नाम अजय बिष्ट है। उनकी पहचान भारतीय राजनीति में कट्टर हिंदूवादी नेता के तौर पर है। गोरखनाथ मंदिर के दिवंगत महंत अवैद्यनाथ उनके गुरु थे। उनके निधन के बाद योगी महंत के पद पर आसीन हुए।

विज्ञान स्नातक योगी आदित्यनाथ ने 1998 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और वह पहली बार गोरखपुर से सांसद चुने गए। उसके बाद से वह लगातार पांच बार से गोरखपुर से ही सांसद हैं। 22 साल की अवस्था में संन्यास लेने के बाद उत्तर प्रदेश सरीखे विशाल राज्य में पहली बार 325 विधायकों की ऐतिहासिक जीत की सरकार के मुखिया बने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर पांच दिनों से गोखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में मांग हो रही थी। शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे से भारतीय जनता पाटी्र के प्रदेश मुख्यालय पर योगी और केशव समर्थकों के मध्य जमकर नारेबाजी हुई। दोनों के समर्थकों के बीच लगातार हो रही नारेबाजी के बीच कुछ वक्त ऐसा भी आया जब समर्थक आमने-सामने आ गए। लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों ने ‘जनसत्ता’ को बताया कि गुरुवार को केशव मौर्य को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम तय करने की जिम्मेदारी पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से सौंपे जाने के बाद केशव मौर्य ने योगी आदित्यनाथ से कई बार फोन पर बात की। शनिवार सुबह उन्होंने योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने संबंधी पूरी जानकारी पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष अमित शाह को दी। इस जानकारी के बाद योगी को गोरखपुर से विशेष विमान से दिल्ली तलब किए गए। संन्यास से सिंहासन तक का सफर करने वाले योगी आदित्यनाथ रविवार को दोपहर सवा दो बजे शपथ लेंगे। उनके साथ केशव मौर्य, डॉक्टर दिनेश शर्मा और दो दर्जन से अधिक मंत्रियों को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक शपथ दिलाएंगे। भारतीय जनता पार्टी ने शपथ ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्टÑीय अध्यक्ष अमित शाह समेत राष्टÑीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दलों के मुख्यमंत्रियों को भी न्योता भेजा है। इस बात की जानकारी वेंकैया नायडू ने दी। उन्होंने बताया कि आंध प्रदेश, नगालैंड, सिक्किम, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्रियों के अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता भेजा गया है।
केशव ने भी बेची है चाय

कौशांबी जिले के किसान परिवार में जन्मे केशव प्रसाद मौर्य भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह बचपन में चाय बेच चुके हैं। पढ़ाई जारी रखने और परिवार की मदद के लिए अखबार भी बेचे। लोकसभा की वेबसाइट के मुताबिक चाय बेचते हुए बचपन में मौर्य को समाज सेवा और पढ़ाई-लिखाई करने की प्रेरणा मिली।

विधायक नहीं हैं मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपार बहुमत मिला है। लेकिन उत्तर प्रदेश के होने वाले मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री विधायक नहीं हैं। मुख्यमंत्रई योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद हैं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य इलाहाबाद के फूलपुर से सांसद हैं और उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा लखनऊ के महापौर हैं।

 

कौन हैं योगी आदित्यनाथ

’5 जून 1972 को उत्तराखंड के एक राजपूत परिवार में जन्मे योगी आदित्यनाथ का का असल नाम अजय सिंह बिष्ट है।
’उत्तराखंड में पढ़ाई की और विज्ञान में स्नातक हैं।
’गोरक्षनाथ पीठ के महंत हैं। आध्यात्मिक पिता महंत अवैद्यनाथ के निधन के बाद सितंबर 2014 में पीठ का दायित्व संभाला था।
’1998 में वह पहली बार गोरखपुर के सांसद चुने गए। उस समय वह 26 साल के थे। गोरखपुर से 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लोकसभा सांसद बने।
’आदित्यनाथ अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के मजबूत पैरोकार हैं।
’उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में सक्रिय हिंदू युवा वाहिनी का 2002 में गठन योगी आदित्यनाथ ने किया।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर लाना ही मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
– योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री

 

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