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तय वक्त में घर दें बिल्डर वर्ना सख्त कदम : योगी आदित्यनाथ

प्रदेश सरकार के प्रयास पर कुछ बिल्डरों ने सकारात्मक रुख अपनाया और आवास देने की समयसीमा तय कर दी जबकि कुछ बिल्डर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। संवाद से रास्ता न निकलने पर प्रदेश सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ेगा।

Author लखनऊ | July 24, 2017 1:43 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ।(फोटो: PTI)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भवन निर्माताओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने खरीदारों को आवास मुहैया कराने की समयसीमा का पालन नहीं किया तो सरकार को मजबूरन सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा बिल्डरों के सामने विश्वसनीयता का संकट है और उन्हें खरीदारों का भरोसा जीतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ लाख खरीदारों को धनराशि अदा करने के बाद भी घर नहीं मिल पा रहा है।इससे विश्वसनीयता का संकट पैदा हो गया है। प्रदेश सरकार के प्रयास पर कुछ बिल्डरों ने सकारात्मक रुख अपनाया और आवास देने की समयसीमा तय कर दी जबकि कुछ बिल्डर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। संवाद से रास्ता न निकलने पर प्रदेश सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की अपील है कि कार्रवाई की स्थिति न उत्पन्न हो। कारोबार की कामयाबी के लिए व्यवसाय और व्यवसायियों पर जनता के भरोसे को आवश्यक करार देते हुए कहा कि इस समय रीयल एस्टेट कारोबारियों के सामने विश्वास पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री ने यहां कंफेडरेशन आफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशंस आफ इंडिया (क्रेडाई) द्वारा आयोजित ‘यूपी अहेड कॉन्क्लेव’ में कहा कि विश्वास ही किसी कारोबार का आधार है।

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प्रदेश में भवन निर्माण क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं लेकिन सफलता के लिए व्यवसाय और व्यवसायियों पर जनता का विश्वास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का चार माह का अनुभव है कि प्रदेश में बिल्डरों और खरीदारों के बीच में बड़ी समस्या है। भवन निर्माता जिन खरीदारों के लिए घर बना रहे हैं, उनका विश्वास खो देने पर व्यवसाय और सेवा कार्य दोनों पर असर होगा। उन्होंने कहा कि रीयल एस्टेट क्षेत्र द्वारा योजनाओं को आधा-अधूरा छोड़ देना सबसे बड़ा संकट है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में यही समस्या सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरी बड़ी समस्या अनधिकृत कालोनियों के निर्माण की है। बिजली, पानी, सड़क, सीवर, ड्रेनेज आदि सुविधाओं का विकास किए बगैर डेवलपर कालोनियां बना देते हैं। बाद में इन कालोनियों का नगर निगम या विकास प्राधिकरण आदि संस्थाओं द्वारा अधिग्रहण कर इनके विकास के लिए अभियान चलाया जाता है। शहरी क्षेत्र में बाकी पेज 8 पर बुनियादी सुविधाओं के लिए आने वाला व्यक्तिबीमारी का शिकार हो जाता है और दोष सरकार पर आता है कि वह कुछ नहीं कर रही है। जबकि इन अनधिकृत कालोनियों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की आवश्यकता होती है। ऐसी स्थिति को रोके जाने की आवश्यकता है। इन समस्याओं के समाधान में क्रेडाई जैसी संस्था को आगे आना चाहिए।

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक सभी को आवास मुहैया कराने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार अधिक से अधिक मकानों का निर्माण कराना चाहती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 10 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य है, जिसमें से छह लाख परिवारों को चिन्हित कर धनराशि का आबंटन भी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए राज्य सरकार ने दो लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा डेढ़ लाख रुपए और राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपए, कुल ढाई लाख रुपए की धनराशि दी जाती है। योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में केंद्र सरकार के ‘रेरा’ कानून को लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस फैसले में रीयल एस्टेट क्षेत्र के सहयोग और समर्थन के लिए प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून में आनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। आगामी 26 जुलाई को इसका पोर्टल भी शुरू कर दिया जाएगा।

 

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