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भतीजे अखिलेश से ”तनातनी” में परिवार का बहुमत नहीं है शिवपाल के पास, मुलायम की दूसरी पत्‍नी जरूर हैं साथ

माना जाता है कि मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना के बेटे प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव शिवपाल के साथ हैं।
Author September 27, 2016 09:18 am
शिवपाल यादव बेटे आदित्‍य और सपा नेता गायत्री प्रजापति के साथ। ( File Photo:PTI)

मुलायम सिंह यादव परिवार के अंदर जारी रस्साकशी से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में कहा था कि सूबे में जो चल रहा है वो ‘परिवार के भीतर का नहीं, सरकार के भीतर का झगड़ा है।’ अखिलेश यादव ने इशारों में साफ कर दिया है कि लड़ाई कुर्सी की है। समाजवादी पार्टी के मुखिया “नेताजी” मुलायम सिंह यादव में अखिलेश और शिवपाल दोनों अपनी आस्था बार-बार व्यक्त करते रहे हैं। लेकिन घटनाक्रम जिस तरह से सामने आया है उससे जाहिर है कि इस मसले पर मुलायम परिवार दो फाड़ है। आइए एक देखते हैं कि मुलायम परिवार में कौन है शिवपाल के साथ।

1- शिवपाल यादव, 60

मुलायम के भाई, यूपी सपा के अध्यक्ष

बीए/बीपीएड

विधायक, जसवंत नगर

संपत्ति: 6,03,26,146 रुपये (पत्नी की संपत्ति शामिल), 2012 के चुनावी हलफनामे के अनुसार

मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे भाई शिवपाल 1988 में इटावा जिला सहकारी बैंक के चैयरमैन के तौर पर शुरुआत की थी। जब मुलायम 1996 में मुलायम केंद्र में रक्षा मंत्री बने तो उन्होंने जसवंत नगर की अपनी सीट से शिवगोपाल को उतारा। इस साल अगस्त तक शिवपाल की पत्नी सरला इटावा जिला सहकारी बैंक की निदेशक थीं। शिवपाल 2009 में पहली बार यूपी सपा के अध्यक्ष बनाए गए। लेकिन कुछ ही महीनों बाद ये पद अखिलेश को दे दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद भी वो पार्टी के अंदर मजबूत नेता के तौर पर बने रहे। जब 2014 में रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय को फिरोजाबाद संसदीय सीट से चुनाव में उतारा जा रहा था तो शिवपाल इससे खफा थे। वो चाहते थे कि उनके बेटे आदित्य को लोक सभा भेजा जाए। शिवपाल का मानना था कि उनके बेटे की जगह रामगोपाल के बेटे को संसद भेजने के में अखिलेश का भी हाथ था।

2- प्रतीक यादव, 29
मुलायम की दूसरी पत्नी साधना के बेटे
एमबीए, कारोबारी, एक जिम चलाते हैं, रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़ाव
संपत्तिः अज्ञात

प्रतीक पार्टी और राजनीति से दूर रहते हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार उनकी मां साधना चाहती थीं कि वो राजनीति में आएं और लोक सभा चुनाव लड़ें लेकिन प्रतीक ने इसमें ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। माना जाता है कि प्रतीक ने ही अपनी मां से कहा कि वो उनकी पत्नी अपर्णा को राजनीति में आगे बढ़ाएं। मौजूदा विवाद में प्रतीक या अपर्णा ने किसी तरह की टिप्पणी नहीं की है। प्रतीक और अखिलेश सार्वजनिक तौर पर शायद ही कभी साथ नजर आते हैं।

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3- अपर्णा यादव, 26
प्रतीक की पत्नी
एमए (अंतरराष्ट्रीय संबंध और राजनीति)
2017 के विधान सभा चुनाव में लखनऊ कैंटोनमेंट से सपा की प्रत्याशी, एनजीओ बी-अवेयर
संपत्तिः अज्ञात

एक पूर्व वरिष्ठ पत्रकार की बेटी अपर्णा राजनीति को लेकर काफी गंभीर मानी जाती हैं। उन्हें उनकी सास का समर्थन प्राप्त है। माना जाता है कि अपर्णा को विधान सभा टिकट दिलवाने में शिवपाल ने मदद की थी। सपा ने अभी तक कभी लखनऊ कैंटोनमेंट की सीट नहीं जीती है। ऐसे में इस सीट का चयन करके उन्होंने एक संदेश देना चाहा है। वो पीएम नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक तौर पर तारीफ करके भी सुर्खियों में आ चुकी हैं। प्रशिक्षिथ शास्त्रीय गायिका अपर्णा लखनऊ में और सैफई में विभिन्न मौकों पर सार्जवनिक तौर पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं।

4- आदित्य यादव, 28
शिवपाल के बेटे
बीटेक
यूपी प्रादेशिक सहकारी संघ के चेयरमैन, आईएफएफसीओ के निदेशक

माना जाता है कि आदित्य सक्रिय राजनीति में आने का इंतजार कर रहे हैं। अभी वो दो सोसाइटियों में मानद सदस्य हैं जिनके लिए उन्हें तनख्वाह और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। दोनों ही विभागों के पास पूरे प्रदेश में काफी संपत्तियां हैं। इस विवाद से पहले आदित्य सार्वजनिक तौर पर कम ही नजर आते थे लेकिन इस बार वो अपने पिता शिवपाल के साथ अक्सर दिख रहे थे। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार शिवपाल जल्द ही उन्हें अहम जिम्मेदारी दे सकते हैं और अगले साल विधान सभा चुनावों में उन्हें प्रत्याशी भी बना सकते हैं।

5- डॉक्टर अजंत सिंह यादव, 62
मुलायम और शिवपाल की बहन कमला के पति,
पीएचडी
ब्लॉक प्रमुख, बसरेहर (इटावा)
संपत्तिः उपलब्ध नहीं

माना जाता है कि इटावा में डॉक्टर अंजत सिंह यादव मुलायम परिवार के कई दूसरे सदस्यों से ज्यादा प्रभाव रखते हैं। करीब चार महीने पहले एक स्थानीय इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल पद से रिटायर होने के बाद वो ब्लॉक प्रमुख चुने गए।

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जो तटस्थ हैं

1- अंशुल यादव, 28
मुलायम के भतीजे
एमबीए
जिला पंचायत चेयरमैन, इटावा
संपत्तिः अज्ञात

मुलायम के भाई राजपाल के बेटे अंशुल ने इसी साल अपनी मां प्रेमलता की जगह जिला पंचायक प्रमुख का पद संभाला। माना जा रहा है कि अगले साल विधान सभा चुनाव में पार्टी उन्हें चुनाव में उतार सकती है। अंशुल ज्यादातर समय दिल्ली में रहते हैं। वो अक्सर तेज प्रताप या धर्मेंद्र के निवास पर देखे जाते हैं। माना जाता है कि वो रामगोपाल इस पूरे विवाद में तटस्थ हैं।

2- अनुराग यादव
मुलायम के भतीजे,
समाजवादी पार्टी की युवा इकाई के राष्ट्रीय सचिव
संपत्तिः अज्ञात
धर्मेंद्र को भाई अनुराग लखनऊ में डेयरी कारोबार से जुड़े हैं। वो समाजवादी पार्टी की युवा इकाई समाजवादी युवजन सभा के सचिव होने के बावजूद राजनीति से दूर ही रहते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार उन्हें पंचायत और विधान सभा चुनाव में टिकट का प्रस्ताव मिल चुका है लेकिन उन्होंने उन्हें स्वीकार नहीं किया था। उनका परिवार में हर किसी से अच्छा संबंध माना जाता है।

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