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‘हिन्‍दू परिवारों की रक्षा’ के लिए महिलाओं को ट्रेनिंग देगा विश्‍व हिन्‍दू परिषद

मिलिंद परांदे के मुताबिक, 'सरकारों को याद रखना चाहिए कि अगर उन्हें देश के कल्याण के लिए काम करना है तो 'हिंदुओं' का कल्याण केंद्र में होना चाहिए। इसके मतलब यह नहीं है कि हम दूसरे का कल्याण नहीं चाहते। मगर हिंदुओं का कल्याण केंद्र में होना चाहिए।'

Author September 17, 2018 1:20 PM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (Express Photo)

विश्व हिंदू परिषद (VHP) जल्द विशेष ही अभियान ‘हिंदू परिवारों की रक्षा’ शुरू करने जा रहा है। इस अभियान के तहत हिंदू महिलाओं और लड़कियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। रविवार (16 सितंबर, 2018) को राजधानी लखनऊ में मौजूद संगठन के महासचिव मिलिंद परांदे ने कहा कि अभियान में उनका विशेष ध्यान 15 साल से बड़ी उम्र की लड़कियों और महिलाओं पर होगा। उम्मीद की जा रही है कि अभियान इस महीने के बाद शुरू हो जाएगा। परांदे ने कहा, ‘पिछले साल बजरंग दल की सदस्यता के लिए हमने विशेष अभियान चलाया और 32 लाख युवा हमसे जुड़े। इस तरह इस बार भी हम उम्मीद कर रहे हैं कि हमारी दो महिला शाखा (दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति) में महिलाएं और लड़की इस अभियान के तहत जुड़ेंगी।’ वीएचपी नेता के मुताबिक जो इसमें शामिल होंगी उन्हें ना केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने का अधिकार दिया जाएगा बल्कि वो सामाजिक बुराईयों से हिंदू परिवारों को बचाने में सक्षम होंगी।

वीएचपी महासचिव ने यह भी कहा कि इस अभियान की अहमियत बताने के लिए संगठन 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एक विशेष अभियान भी शुरू करने वाला है। इसमें परिवार के मूल्यों के बारे में जागरुकता फैलाई जाएगी। किसी भी लत से मुक्ति, सड़क सुरक्षा, गो रक्षा के अलावा जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा वीएचपी ने राम मंदिर से जुड़े संतों की एक स्पेशल मीटिंग भी बुलाई है। इस मीटिंग में राम मंदिर को लेकर भविष्य के मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। ये मीटिंग दिल्ली में होगी और इसमें राम मंदिर अभियान से जुड़े देशभर के संत शामिल होंगे।

कथित तौर पर मजबूरी में हुए धर्मांतरण पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि कम से कम तीन राज्य पहले से ही ईसाई प्रभुत्व वाले बन गए हैं। वीएचपी महासचिव मिलिंद परांदे के मुताबिक मिशनरीज सरल और आम लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। हम इस तरह के मामलों को रोकने के लिए सरकार से अपील करते हैं। मिलिंद परांदे के मुताबिक, ‘सरकारों को याद रखना चाहिए कि अगर उन्हें देश के कल्याण के लिए काम करना है तो ‘हिंदुओं’ का कल्याण केंद्र में होना चाहिए। इसके मतलब यह नहीं है कि हम दूसरे का कल्याण नहीं चाहते। मगर हिंदुओं का कल्याण केंद्र में होना चाहिए।’

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि 31 जनवरी और एक फरवरी ‘धर्म संसद’ इलाहाबाद में बुलाई जाएगी। कुंभ मेले के दौरान बुलाई गई इस बैठक में प्रमुख मुद्दा गाय की सुरक्षा और धर्मांतरण होगा। बता दें कि वीएचपी महासचिव से जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा के बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता किर राहुल हिंदू हैं या नहीं। मगर वह हिंदू धर्म के मुताबिक कार्य करते हैं तो मैं खुश रहूंगा।’

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