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लखनऊ के मिठाई वाले की आठ दुकानों पर छापा, गाजीपुर के मिठाईवाले ने जन धन खातों में जमा कराए थे 27 लाख रुपये

लखनऊ में मिठाईवाले की दुकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी तो गाजीपुर के मिठाईवाले जनधन खाते में 27 लाख रूपये जमा होने पर किया गया खाता सीज।

नोटों की गिनती करता एक व्यक्ति। (तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।)

नोटबंदी के बाद पैसों की हेरा—फेरी के कई मामले सामने आ रहे हैं। लखनऊ और गाजीपुर इन दोनों जगहों से भी ऐसे ही दो मामले देखने को मिले हैं। लखनऊ में जहां नीलकंठ स्वीट्स पर इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा तो वहीं गाजीपुर में भी एक मिठाईवाले के जनधन खाते में 27 लाख रूपये जमा होने की बात सामने आई। इनकम टैक्स विभाग के करीब सौ अफसरों ने नीलकंठ स्वीट्स की आठ दुकानों पर छापा मारा।
नीलकंठ स्वीट्स पर करोड़ों का टैक्स चोरी के आरोप के चलते यह कार्रवाई की गई। फिलहाल उसके आठ ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

हालांकि आयकर विभाग की टीम के लोग उसके घर और अन्य ठिकानों पर भी जांच में लगी हुई है। दूसरी तरफ गाजीपुर स्थित मिठार्इवाले के जनधन खाते में 27 लाख जमा होने की खबर के सामने आते ही आयकर विभाग ने पैसों को जब्त कर मिठाईवाले का खाता सीज कर दिया है।
गाजीपुर के गोंसाइपुरा में रहने वाले जयप्रकाश का यूबीआई बैंक की शाखा में जनधन खाता था।  इस खाते में हर महीने सिर्फ एलपीजी गैस की सब्सीडी का पैसा ही जमा होता था ।

अचानक इसमें 27 लाख रूपये की बड़ी रकम जमा होने पर बैंककर्मियों को आशंका हुई। जिसके बाद बैंक अधिकारी ने इस बात की जानकारी आयकर विभाग को दी। इसकी सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग ने खाते को सीज कर दिया और जयप्रकाश मिठाईवाले से पूछताछ की लेकिन उससे सही जवाब नहीं मिला।

बताया जा रहा है कि शुरूआती पूछताछ में जयप्रकाश ने यह बताया कि यह पैसा उसकी मां ने जमीन बेचकर जमा कर दिया है लेकिन जब उससे इस बारें गहराई से पूछा गया तो वह इस बात से मुकर गया और कहने लगा यह पैसा उसका नहीं है। इस सबके बाद जयप्रकाश के खाते को सीज कर दिया गया है और जांच जारी है। वहीं जिन जनधन खातों में 50 हजार से ज्यादा रकम जमा है उनकी भी जांच की जा रही है।

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