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उत्तर प्रदेश: ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करने वाले ड्राइवरों की तस्वीर खीचिए और जीतिए नगद ईनाम

परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के मुताबिक, ' सबसे पहले तो यात्री अपने आपको शक्तिशाली महसूस कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि मोबाइल के गलत इस्तेमाल के खिलाफ उसे अधिकार दिया गया है।

फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश के बस ड्राइवरों को अब सावधान रहना होगा। यूपी परिवहन मंत्रालय ने अब बस चलाते वक्त मोबाइल पर बात करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का मन बना लिया है। बस चलाते वक्त मोबाइल पर बात करने वाले ड्राइवरों की पहचान के लिए परिवहन मंत्रालय ने एक स्कीम शुरु की है। इसके तहत अगर पैसेंजर को ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करता हुआ ड्राइवर दिख जाए तो वह उसकी फोटो क्लिक कर ले और व्हाट्सअप के जरिये इस फोटो को सरकारी अधिकारियों को भेज दे। इसके एवज में सरकार पैसेंजर को नगद इनाम देगी। साथ ही दोषी ड्राइवर पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने लखनऊ में पत्रकारों को इस स्कीम की जानकारी दी। परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यद्यपि बस चलाने के दौरान मोबाइल पर बात करने की कानूनन मनाही है लेकिन इस बावत शिकायतें आती रहती है, अब हम यात्रियों का सहयोग ले रहे हैं।’

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परिवहन मंत्रालय के मुताबिक इस स्कीम का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के मुताबिक, ‘ सबसे पहले तो यात्री अपने आपको शक्तिशाली महसूस कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि मोबाइल के गलत इस्तेमाल के खिलाफ उसे अधिकार दिया गया है, दूसरी बात ये है कि सरकार के इस फैसले से रोडवेज बस ड्राइवरों में जिम्मेदारी की भावना आ गई है। हालांकि इस काम के लिए यात्रियों को कितना नगद ईनाम दिया जाएगा इस बात की घोषणा अबतक नहीं हो पाई है।

बता दें कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करने की वजह से अक्सर हादसे होते रहते हैं। वर्तमान कानून के मुताबिक इस अपराध के लिए दोषी को मोटर व्हिकल एक्ट के मुताबिक 6 महीने की सजा और एक हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है। उत्तर प्रदेश के सरकारी बस के बेड़े में इस वक्त 11 हजार 851 बसें हैं। ये रोजवेज बसें रोजाना लगभग 30 लाख किलोमीटर चलती हैं, इन बसों में रोजाना लगभग 14 लाख लोग चढ़ते हैं और सरकार को रोज 7 करोड़ रुपये की कमाई होती है।

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