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योगी सरकार ने निकाली सुप्रीम कोर्ट के फैसले की काट, हाई-वे किनारे जारी रहेगी शराब बिक्री

यूपी पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव सदाकांत द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक शहरों के आंतरिक मार्ग जो स्टेट हाईवे की श्रेणी में आते हैं और उनके बाईपास को अब जिला मार्ग घोषित कर दिया गया है।

1 अप्रैल 2017 से शराब की सभी दुकानें और मीट की दुकानें बंद करने का आदेश। (फाइल फोटो)

यूपी सरकार ने चंडीगढ़ मॉडल से सीख लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की काट ढूंढ निकाली है, जिसमें कहा गया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक कोई भी शराब की दुकान नहीं होगी। इससे फैसले से बचने के लिए सरकार ने कई प्रमुख स्टेट हाई-वे को जिला सड़क घोषित कर दिया है। यूपी पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव सदाकांत द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक शहरों के आंतरिक मार्ग जो स्टेट हाईवे की श्रेणी में आते हैं और उनके बाईपास को अब जिला मार्ग घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही शहर के बाईपास को प्रदेश राजमार्ग घोषित कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भारत में हर साल सड़क हादसे से होने वाली 1.5 लाख मौतों को देखते हुए शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दिया था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी सरकार को हाई-वे पर स्थिति बार समेत करीब 8 हजार दुकानों से 6000 करोड़ का रुपए का राजस्व मिलता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लखनऊ के 203 आउटलेट्स, कानपुर में 100, वाराणसी के 221 आउटलेट्स पर बंदी की तलवार लटक रही थी। हालांकि, अधिसूचना इन शराब विक्रेताओं की बड़ी संख्या को वैध बनाने के लिए बाध्य है। वहीं, एक्साइज विभाग के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने कोर्ट के फैसले का पालन करना शुरू कर दिया है। वहीं लखनऊ शराब एसोसिएशन का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के अयोग्य फैसले के कारण राजधानी में कई दुकानें बंद हो जाएंगी। इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी इसी तरह से फैसला लिया था।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
पिछले साल के अंतिम महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी। साफ है कि अब राजमार्गों पर शराब की बिक्री नहीं होगी। कोर्ट ने कहा था कि जिनके पास लाइसेंस हैं वो खत्म होने तक यानी कि 31 मार्च 2017 तक दुकानें चल सकेंगे। यानी एक अप्रैल 2017 से हाईवे पर इस तरह की दुकानें नहीं होंगी। शराब की दुकानों के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा। नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे। सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह फैसला लागू होगा।

 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश- “हाइवे से 500मी. के दायरे में नहीं बिकेगी शराब”

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