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उत्तर प्रदेश: सपा सरकार की परियोजनाओं पर जांच की आंच

उप्र में सपा शासनकाल के दौरान शुरू हुई बड़ी निर्माण परियोजनाओं की जांच की आशंका से नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है।
Author नोएडा | April 12, 2017 02:53 am
बैठक से बाहर आते सीएम योगी आदित्‍य नाथ। (Source: PTI)

उप्र में सपा शासनकाल के दौरान शुरू हुई बड़ी निर्माण परियोजनाओं की जांच की आशंका से नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि मौजूदा योगी सरकार 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाली परियोजनाओं की जांच कराना चाह रही है। निष्पक्ष संस्था से जांच कराने पर प्राधिकरण के ठेके आबंटित करने की तिकड़म की पोल खुलने की आशंका से अधिकारी घबराए हुए हैं। इससे यादव सिंह जैसे अन्य घोटालों का पर्दाफाश होने की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, नोएडा में ही करीब एक दर्जन करोड़ों-अरबों रुपए की परियोजनाएं जांच के दायरे में हैं, जिसके कारण अधिकारियों ने संभावित परियोजनाओं की फाइलें खंगालनी शुरू कर दी हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हर साल जन सुविधाओं के नाम पर कई हजार करोड़ रुपए का बजट तय होता है। बजट का बड़ा हिस्सा विकास परियोजनाओं पर खर्च होता है। माना जाता है कि बड़ी परियोजनाओं के कार्यों का ठेका अपने चहेतों को दिलाने के लिए सत्ता का भी इस्तेमाल होता है। ऐसे में वास्तविक लागत के अलावा कई अन्य मदों में होने वाले खर्च के जुड़ जाने से बजट काफी ज्यादा बढ़ जाता है। यादव सिंह के कार्यकाल में 954 करोड़ रुपए की बिजली लाइनों को भूमिगत करने के ठेके का आबंटन ऐसे ही घोटालों की एक कड़ी है।

इन्हीं घोटालों को उजागर करने के लिए सीबीआइ, सीबीसीआइडी, आयकर और प्रवर्तन निदेशालय की टीमें भी प्राधिकरण में दस्तक देती रही हैं। वहीं, सत्ता परिवर्तन के बाद बड़ी परियोजनाओं की जांच से निर्माणाधीन परियोजनाओं के काम की रफ्तार धीमी होने की भी आशंका जताई गई है। इसके खिलाफ यह तर्क भी दिया जा रहा है कि पूर्ववर्ती सपा सरकार में शहर की छवि सुधारने के नाम पर जल्दबाजी में अरबों रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इनमें से कई परियोजनाएं अभी तक शुरू भी नहीं हुई हैं और उनकी जांच व रिपोर्ट आदि बनवाने में ही करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं। प्राधिकरण सूत्रों के मुताबिक, बसपा शासनकाल में शुरू हुए सेक्टर-30 के जिला अस्पताल और चाइल्ड पीजीआइ, सेक्टर-39 में निर्माणाधीन जिला अस्पताल इमारत, सेक्टर-18 में निर्माणाधीन बहुस्तरीय पार्किंग, मास्टर प्लान रोड नंबर-2 पर एलिवेटेड सड़क, ओखला बैराज के समानांतर यमुना पर पुल, बॉटैनिकल गार्डन इलाके में निर्माणाधीन बहुस्तरीय पार्किंग, मुख्य सड़कों के किनारे बने साइकिल ट्रैक, सेक्टर-18 का सौंदर्यीकरण और पुनर्निमाण कार्य, एनएच-24 पर अंडरपास और यमुना व हिंडन नदी के किनारे रिवर फ्रंट आदि परियोजनाएं शामिल हैं। सपा सरकार में साइकिल ट्रैक बनाने को लेकर हुए घोटाले की जांच की मांग आरडब्लूए समेत शहर के कई संगठनों ने शुरुआत से की थी, लेकिन सपा सरकार के राज में इस पर अमल नहीं हुआ। वहीं यमुना और हिंडन नदी के किनारे रिवर फ्रंट परियोजना अभी जमीन पर शुरू तक नहीं हो सकी है, जबकि जांच और सर्वे के नाम पर इसमें मोटी रकम खर्च की जा चुकी है।

 

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