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यूपी में योगी सरकार ने रद्द कर दी शिक्षक भर्ती, बताई ये वजह

2016 में यूपी में कुल 16,460 टीचर्स की भर्ती निकाली गई थी, जिसमें 4,000 पोस्ट उर्दू के टीचर्स के लिए थी। 23 मार्च 2017 को योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया।

अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद 12,460 शिक्षकों की भर्ती तो शुरू कर दी गई लेकिन उर्दू भर्ती की प्रक्रिया ठप पड़ी थी। (Photo: Express Archive)

यूपी में योगी सरकार ने उर्दू टीचर्स की भर्ती को लेकर चौकाने वाली घोषणा की है। उर्दू शिक्षकों की भर्ती यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के राज में शुरू हुई थी। अब इस भर्ती को कैंसिल कर दिया है। यह घोषणा यूपी के बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने की है। यह रिक्रूटमेंट उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के तहत शुरू किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक रिक्रूटमेंट को इसलिए कैंसिल किया गया क्योंकि डिपार्टमेंट को उर्दू टीचर्स की जरूरत नहीं है। इसलिए नए रिक्रूटमेंट की कोई आवश्यकता नहीं है।

साल 2016 में यूपी में कुल 16,460 टीचर्स की भर्ती निकाली गई थी, जिसमें 4,000 पोस्ट उर्दू के टीचर्स के लिए थीं। 15 दिसंबर 2016 को अखिलेश यादव के शासन काल में प्राथमिक विद्यालयों के लिए उर्दू शिक्षकों की भर्ती शुरू हुई थी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 23 दिसंबर, 2016 से शुरू की गई थी, और आवेदन जनवरी 2017 तक जमा किए गए थे। काउंसलिंग की तारीख मार्च 2017 घोषित की गई थी, लेकिन इस समय के दौरान राज्य की सरकार चुनाव के बाद बदल गई। ये भर्ती 12,460 सहायक अध्यापक भर्ती के साथ शुरू की गई थी। इन दोनों पर सरकार बदलते ही रोक लग गई थी। अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद 12,460 शिक्षकों की भर्ती तो शुरू कर दी गई लेकिन उर्दू भर्ती की प्रक्रिया ठप पड़ी थी। इसके लिए 11 हजार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था।

23 मार्च 2017 को योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया। इसे एक साल तक आगे नहीं बढ़ाया गया। इस वजह से उम्मीदवार उच्च न्यायालय गए। उच्च न्यायालय ने भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया। हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने सोमवार को कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में उर्दू शिक्षक काम कर रहे हैं, यही कारण है कि भर्ती की आवश्यकता नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक सरकार हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करेगी और वहां भी आवश्यकता से अधिक शिक्षक होने का कारण बताएगी।

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