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यूपी: 576 सरकारी कर्मचारियों को जेल ले गए डीएम, कैद‍ियों को द‍िखा कर कहा- भ्रष्‍टाचार क‍िया तो आपका भी यही हाल होगा

डीएम रविंद्र कुमार ने बताया, "मैंने हाल ही में छह अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया था।"

डीएम रविंद्र कुमार के अनुसार योगी आदित्य नाथ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। (फाइल फोटो)

क्या पर्यटन से भ्रष्टाचार में कोई कमी आ सकती है? अगर इस सवाल ने आपको चक्कर में डाल दिया है तो जरा ठहरिए। उत्तर प्रदेश के एक जिलाधिकारी को ऐसा ही लगता है। यूपी के फर्रूखाबाद जिले के डीएम रविंद्र कुमार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए अनोखी तदबीर निकाली। डीएम रविंद्र कुमार ने जिले के 576 सरकारी कर्मचारियों को एक दिन के पर्यटन के लिए बुलाया और उन्हें जिला कारागार ले गए। डीएम कुमार सरकारी कर्मचारियों को खूंखार कैदियों से मिलाने नहीं ले गए थे बल्कि वो उन्हें उन 88 सरकारी अधिकारियों से रूबरू कराने ले गए थे जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में सजा हो चुकी है। डीएम चाहते थे कि भ्रष्टाचार से बाज नहीं आने वाले कर्मचारी अपना भविष्य देख लें।

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि वो सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्ट आचरण के प्रति हतोत्साहित करना चाहते थे। डीएम कुमार ने बताया, “मैंने हाल ही में छह अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया था।” मैं सरकारी कर्मचारियों को कड़ा संदेश देना चाहता हूं कि अगर उन्होंने अपनी कार्यशैली नहीं बदली तो उन्हें भी जेल में सजा काट रहे पूर्व सरकारी कर्मचारियों जैसी स्थिति से गुजरना पड़ सकता है।

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को लगता है कि जेल के पर्यटन से सरकारी कर्मचारियों में काफी सुधार आ सकता है। रविंद्र कुमार के अनुसार जिले के कुछ विभागों के प्रमुखों को भी जिले के केंद्रीय कारागार में दौरे के लिए भेजा गया था ताकि वो भी वहां के हालात का अनुभव ल सकें। रिपोर्ट के अनुसार जिलाधिकारी ने ये कवायद प्रदेश की योगी आदित्य नाथ सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति को साफ करने के लिए की। मार्च 2017 में यूपी के सीएम बने योगी आदित्य नाथ ने भ्रष्टाचार को खत्म करने को सरकार की प्राथमिकता बताया है। सीएम बनते समय योगी आदित्य नाथ ने कहा था कि सरकार के 100 पूरे होने पर वो अपने कामकाज की रिपोर्ट पेश करेंगे।

DM Ravindra Kumar यूपी के फर्रूखाबाद जिले के डीएम रविंद्र कुमार। (तस्वीर- जिले की आधिकारिक वेबसाइट से)

मुख्यमंत्री आदित्य नाथ राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (एसीओ) से कामकाज से भी काफी नाराज बताए जाते हैं। सीएम योगी चाहते हैं कि एसीओ ज्यादा बेहतर तौर पर संगठित और संचालित हो। राज्य में पुलिस एवं सभी गैर-राजपत्रित अधिकारियों के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच करता है। डीएम कुमार जिन विभागों के कर्मचारियों को जेल लेकर गए थे उनमें राजस्व विभाग, पंचायत अधिकारी और राशन की दुकानों के मालिक शामिल थे। हाल ही में यूपी के चंदौली जिले में एक असिस्टेंट रोड ट्रांसपोर्ट अफसर (एआरटीओ) और कुछ अन्य पुलिसवाले घूस लेते पकड़े गए थे।

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