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राजनाथ सिंह के बेटे पंकज को नहीं मिली जगह, कल्याण सिंह के पोते और संदीप सिंह को बनाया गया मंत्री

राजनाथ सिंह के मुकाबले अभी भी भाजपा में कल्याण सिंह का दबदबा ज्यादा है, उप्र में योगी मंत्रिमंडल के गठन के बाद भाजपाइयों में इसको लेकर चर्चा आम हो गई है।
Author नोएडा | March 21, 2017 03:32 am
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और बीजेपी विधायक पंकज सिंह।

राजनाथ सिंह के मुकाबले अभी भी भाजपा में कल्याण सिंह का दबदबा ज्यादा है, उप्र में योगी मंत्रिमंडल के गठन के बाद भाजपाइयों में इसको लेकर चर्चा आम हो गई है। पहली बार अतरौली विधानसभा सीट से चुनाव जीते संदीप सिंह, उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के पोते हैं। उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने के मुद्दे पर गौतमबुद्ध नगर के भाजपाई मौन हैं। अलबत्ता पंकज सिंह को जगह नहीं मिलने पर निराश जरूर हैं। योगी मंत्रिमंडल में एनसीआर के तीन जिले गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर से केवल अतुल गर्ग को ही जगह मिली है। मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने के सवाल पर पंकज सिंह ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं, भाजपा नेता और नोएडा से सांसद प्रतिनिधि संजय बाली ने बताया कि पंकज सिंह पिछले 15 सालों से राजनीति में सक्रिय हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें जगह मिलेगी। जानकारों का मानना है कि पूरी तरह से जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर योगी मंत्रिमंडल का गठन किया गया है। खास तौर पर दूसरे दलों से भाजपा में आने वालों को तोहफे के रूप में मंत्रिमंडल में जगह तो दी गई है। अलबत्ता ऐसे मंत्रियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकती है।

उप्र के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का नाम तय होने के बाद से ही मंत्रिमंडल में पंकज सिंह को जगह दिए जाने की खबरें आने लगी थी। स्थानीय नेताओं का तर्क था कि गौतमबुद्ध नगर जिले की तीनों विधानसभा सीटों में 1 लाख से ज्यादा मतों के अंतर से जीत की वजह से पंकज सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। दिल्ली से सटे उप्र के सर्वाधिक विकसित जिले गौतमबुद्ध नगर का भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व अमूमन तय माना जा रहा था। दादरी से पहली बार विधायक बने तेजपाल नागर और जेवर सीट से जीते धीरेंद्र सिंह के मुकाबले पंकज सिंह की स्थिति भी ज्यादा मजबूत मानी जा रही थी। हालांकि मंत्रिमंडल में पंकज सिंह को क्यों नहीं शामिल किया गया या कब शामिल किया जाएगा? इसको लेकर नेता खुलकर बातचीत करने से कतरा भी रहे हैं। केंद्र में गौतमबुद्ध नगर से सांसद डॉक्टर महेश शर्मा मंत्री हैं। स्थानीय स्तर पर संगठन में खींचतान को खत्म करने के लिए जिले से किसी विधायक को मंत्री बनाने से परहेज किया गया है। पंकज सिंह के अलावा महिला मंत्री के रूप में सिकंद्राबाद से विधायक विमला सोलंकी और मौजूदा विधायक वीरेंद्र सिंह सिरोही को भी आने वाले दिनों में मंत्री बनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

 

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