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टीवी शो में हुई कहासुनी, सपा नेता ने भाजपा प्रवक्‍ता पर करवाई FIR

समाजवादी पार्टी के नेता और यूपी की ललित कला अकादमी के चेयरपर्सन नावेद सिद्दीकी ने बीजेपी के प्रवक्ता आईपी सिंह पर अपशब्द कहने का आरोप लगाकर FIR दर्ज करवाई।
नावेद सिद्दीकी और आईपी सिंह के बीच टीवी चैनल पर बहस हुई थी।

समाजवादी पार्टी के नेता और यूपी की ललित कला अकादमी के चेयरपर्सन नावेद सिद्दीकी ने मंगलवार (30 अगस्त) को बीजेपी के प्रवक्ता आईपी सिंह पर अपशब्द कहने का आरोप लगाकर FIR दर्ज करवाई। नावेद का आरोप है कि आईपी सिंह ने उन्हें अपशब्द कहे और उनकी कौम के लिए भी अशोभनीय टिप्पणी की। बीजेपी नेता आईपी सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 295-ए, 504 व 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। दरअसल, यह मामला एक टीवी डिबेट के दौरान का है। एक निजी टीवी चैनल पर दोनों ही नेता डिबेट के लिए पहुंचे थे। डिबेट के दौरान दोनों के बीच आजम खान को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद नावेद ने आईपी सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। नावेद का आरोप है कि सिंह ने उन्हें ‘कुत्ता’ कहा था। अपने बचाव में आईपी सिंह ने कहा कि उन्हें ऐसा कहने के लिए उकसाया गया था। इसके साथ ही आईपी सिंह ने अपनी बात रखने के लिए फेसबुक पर एक पोस्ट भी लिखा है, पढ़िए आईपी सिंह ने क्या लिखा-

प्रिय नावेद भाई,
कई साल से, मै राजनैतिक डिबेट में शिरकत कर रहा हूँ, सार्वजनिक मंच पर, सेमिनार में , लिटरेरी फेस्टिवल में, न्यूज़ चैनल के समारोह और उनके लाइव स्टूडियो में. आज ये पहले मौका है जब ‘फॉर’ और ‘अगेंस्ट’ के डिबेट में किसी सामने वाले ने हार की खीझ मिटाने के लिए मुझ पर डिबेट को लेकर ही मुकदमा दर्ज किया है. वैसे एफआईआर दर्ज कराना आपका अधिकार है और आप क्योंकि खुद को मुख्यमंत्रीजी का करीबी बताते हैं इसलिए बीजेपी के किसी नेता के खिलाफ एफआईआर कराना आपका फ़र्ज़ ही नही मजबूरी भी है.
लेकिन फिर भी कुछ बातें एक बार फिर दोहराना चाहूंगा आपसे.
१) आप मोदी जी को कुछ भी कहें. जायज़ है. आपके संसदीय कार्य मंत्री आज़म खान जितनी भी असंसदीय भाषा मोदी जी के खिलाफ बोलेन वो ठीक है. वो जहर में डूबो डुबो कर गंदे गंदे लव्ज़ इस्तेमाल करें वो आपकी नज़र में सही है .
२) मोदीजी के खिलाफ जिन घृणित अपशब्दों का आज़म खान प्रयोग करते वो घृणित शब्द आपको विचलित नही करते . लेकिन अगर कोई तल्ख़ जुबान में दूसरा आपसे बात करे तो आप विचलित हो जाते हैं. तब आप एफआईआर कराने की हद तक पहुँच जाते हैं. बीजेपी वाला कोई आह भी करें तो एफआईआर और सपा वाला किसी की चरित्र हत्या भी करें तो चर्चा न हो. ये साख है आपकी सरकार की.
२)अगर कोई हमारे नेता नरेंद्र मोदी की व्यकिगत आलोचना में सभी सीमाएं लांघ जाय और आप चाहते हैं कि मै एक कायर, कमज़र्फ़ की तरह सब कुछ सुनता रहूँ. नावेद भाई, मोदीजी सिर्फ मेरी पार्टी के नेता नही हैं, सिर्फ देश के प्रधानमंत्री नही है बल्कि आज वो दुनिया के बड़े नेताओं में एक हैं. जिस भाषा का इस्तेमाल आज़म खान आज एक यशस्वी प्रधानमंत्री के लिए करते हैं वो आपकी पार्टी और मुलायम सिंह यादव जी की शख्सियत दोनों को बेहद हल्का कर देती है. आप पहले अपनी पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में एक, आज़म खान की जुबान पर लगाम कसें….मेरी तो पार्टी में कोई हैसियत नही है लेकिन फिर भी मै आपको यकीन दिलाता हूँ कि आज़म खान जैसे ही चुप होंगे मै खुद अपनी जुबान बन्द कर लूँगा.
३)आपके नेता आज़म खान कल ही कह रहे थी कि सपा का जहाज डूब रहा है. मुझे नही मालूम के ये जहाज आज़म खान के वजन से डूब रहा है या उनके हाथों किये गए जहाज में ढेर सारे छेदों की वजह से. मुझे नही मालूम …लेकिन इतना मालूम कि आप आज़म खान का बचाव कर के अपने राजनैतिक कैरियर को समेट रहे हैं. जिस आज़म खान की भद्दी टिप्पणियों पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने गंभीर आपत्तियां उठायी हैं उस आज़म खान का बचाव कर आप अपनी निजी राजैतिक अक्षमता का परिचय दे रहे हैं.
४) अंत में इतना ही कहूंगा की आप राजनैतिक तौर पर इतने अपरिपक्व हैं की आपने अपने राजकुमार अखिलेश यादव के राज पर ही सवाल उठा दिए. आपने अखिलेश के शासन में खुद को असुरक्षित बताकर पार्टी की छवि ख़राब कर दी है. आपने अपनी एफआईआर मे लिखा है कि आपकी जान को खतरा है. मुझ जैसे राजनैतिक वाद विवाद करने वाले से आपको जान का खतरा है. आपने एफआईआर में कहा है कि आप पर हमला हो सकता है. नावेद भाई, अगर सपा का प्रवक्ता, मुख्यमंत्री का अज़ीज़ और आज़म खान का बचाव करने वाला ही इस सपा सरकार में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है तो आम आदमी और हमारे जैसे आपके राजनैतिक विरोधियों का क्या होगा. आपने तो एफआईआर में अपनी ही पार्टी की सबसे बड़ी नाकामी की कलाई खोल दी है. आपने ने खुद जनता को लिखा पढ़ी में बता दिया है कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था वाकई बेहद लचर है.
बहरहाल आप मुकदमा आगे बढ़ाएं
पर अदालत के अलावा
स्टूडियो में, सार्वजनिक मंच पर, मुझसे बहस जारी रखें ||
आपसे वाद विवाद का आरोपी
आईपी सिंह
भारतीय जनता पार्टी

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  1. M
    manendra singh
    Aug 31, 2016 at 7:16 am
    जब नेताओं के पास तर्क नहीं होता, तभी वे गाली गलौज पर उतरते है, अपने धर्म की तारीफ के कसीदे पढ़ना गलत नहीं पर इसका ये मतलब कतई नहीं है कि आप दूसरे धर्म को नेशनल न्यूज़ चैनल पर पूरे देश के सामने गालिया बकें, क्या दूसरों के धर्म को गालियां देने से हमारे धर्म का सामान बढ़ता है ???
    (1)(2)
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