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पुलिस सुधार के लिये आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी: अखिलेश यादव

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस बल की कार्यप्रणाली सुधारने तथा उसे और मुस्तैद बनाने में आधुनिक तकनीक के अधिक इस्तेमाल पर जोर देते हुए आज कहा कि उनकी सरकार पुलिस में आमूल-चूल सुधार के लिये लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में सुधार के लिये लगातार प्रयास कर रही […]

Author Published on: November 19, 2014 10:31 PM

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस बल की कार्यप्रणाली सुधारने तथा उसे और मुस्तैद बनाने में आधुनिक तकनीक के अधिक इस्तेमाल पर जोर देते हुए आज कहा कि उनकी सरकार पुलिस में आमूल-चूल सुधार के लिये लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में सुधार के लिये लगातार प्रयास कर रही है। एक तरफ जहां हम मूलभूत ढांचे, किसानों तथा अन्य क्षेत्रों के विकास पर काम कर रहे हैं, वहीं हम आम जनता को बेहतर सुविधाएं दिलाने की कोशिश भी कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा ‘‘हमें नयी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके सुधार के लिये लगातार कोशिश करनी होगी। हालांकि देश और प्रदेश बहुत बड़े हैं, लिहाजा समस्याएं भी अलग तरह की हैं लेकिन हम पुलिस की कार्यप्रणाली तथा कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिये लगातार प्रयास कर रहे हैं।’’

अखिलेश ने आधुनिक नियंत्रण कक्ष, महिलाओं के लिये 1090 हेल्पलाइन के मोबाइल फोन एप्लीकेशन तथा रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि 1090 हेल्पलाइन का अन्य राज्यों ने नकल किया है और इसके मोबाइल एप्लीकेशन के कामयाब होने पर उसकी भी नकल की जाएगी।

राज्य पुलिस विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मान कोष के लिये वर्ष 2015-16 के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी जाएगा। व्यक्तिगत तौर पर वह इस कोष में एक लाख रुपये का योगदान कर रहे हैं।

अखिलेश ने कहा कि उनकी सरकार ने हर साल अपने क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली 20 महिला खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की धनराशि वाला रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार देने तथा अच्छा काम करने वाली 20 महिला ग्राम प्रधानों को भी एक-एक लाख रुपये धनराशि का पुरस्कार प्रदान करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 जगहों पर रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्रों की स्थापना की जाएगी और सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के वार्षिक मूल्यांकन के दौरान महिलाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता तथा व्यवहार को भी उनके रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।

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