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अस्पताल में महिला का शव हुआ क्षत-विक्षत, कर्मचारियों ने कहा- कुत्तों का काम

अस्पताल ने लापरवाही दिखाए जाने के सवाल पर कहा कि ये आरोप तब लगाया जा सकता था जब महिला के जीवित रहते उसके इलाज में कोई कमी की गयी होती।
Author August 28, 2017 11:57 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

अवनीश मिश्रा

मुर्दाघर मे रखी एक 40 वर्षीय महिला के शव के क्षत-विक्षत हालत में मिलने के बाद लखनऊ स्थित राममनोहर लोहिया अस्पताल के चार एड-हॉक कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कथित तौर पर एक कुत्ते ने महिला के शव को नोच लिया था। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने कहा, “महिला को शनिवार सुबह अस्पताल लाया गया  था। उसने निजी कारणों से ज़हर खा लिया था। पूरी कोशिश के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। शाम 6.05 बजे उसका देहांत हो गया। चूँकि ये मामला आत्महत्या का था इसलिए उसका शव मुर्दाघर में उसके परिवार की मौजूदगी में रखा गया था ताकि बाद में उसे किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सके। उसके बाद मुर्दाघर रात भर के लिए बंद कर दिया गया।”

भार्गव ने आगे कहा, “सुबह वार्ड ब्वॉय ने जब मुर्दाघर खोला तो महिला का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था और फर्श पर खून बिखरा हुआ था। मुर्दाघर के कर्मचारियों का कहना है कि ये किसी कुत्ते या कई कुत्तों का काम है लेकिन हम पुष्ट रूप से नहीं कह सकते कि ये कुत्तों या किसी अन्य जानवर का काम है।” भार्गव ने बताया कि मुर्दाघर में लकड़ी के निकाले जा सकने लायक दरवाजे हैं। महिला के परिजनों का आरोप है कि उसने जो गहने पहन रखे थे वो गायब हैं। मृतक महिला के एक रिश्तेदार ने कहा, “कुत्ते शव को इस तरह नहीं क्षत-विक्षत कर सकते और वो जहर वाले शव को नहीं छुएंगे। उसने मंगलसूत्र, बालियों, दो अंगूठियां, पायल और कंगन पहन रखे थे वो गायब हैं।” भार्गव इससे इनकार करते हैं। भार्गव ने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र देते समय ये अलिखित नियम है कि मृतक के परिजनों से उसके शरीर से किसी भी तरह के आभूषण या अन्य चीजें हटा लेने का अनुरोध किया जाता है।

भार्गव ने अस्पताल द्वारा लापरवाही दिखाए जाने के सवाल पर कहा कि ये आरोप तब लगाया जा सकता था जब महिला के जीवित रहते उसके इलाज में कोई कमी की गयी होती। भार्गव ने कहा कि वो घटना को दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं और ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। भार्गव के अनुसार मामले की जांच के लिए एक एडिशनल-डायरेक्टर स्तर की जांच कमेटी बनायी गयी है। मृतक महिला के पति ने लखनऊ के विभूति खंड पुलिस थाने में मामले के खिलाफ एफआईआर करायी है।  प्रमुख सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने बताया कि दो सिक्योरिटी गॉर्ड, एक वार्ड ब्वॉय और दो सुपरवाइजरों को निलंबित कर दिया गया है। राज्यके स्वास्थ्य सचिव ने भी अस्पताल से मामले में रिपोर्ट मांगी है।

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  1. M
    manish agrawal
    Aug 28, 2017 at 8:43 am
    एंटी रेबीज़ वेक्सीन बनाने वाली दवा कंपनियों की एजेंट मेनका गाँधी ही हिन्दोस्तान में आवारा कुत्तों के आतंक की जिम्मेदार है ! जब भी आवारा कुत्तों को मारने की बारी आती है मेनका गाँधी ही आवारा कुत्तों के पक्ष में कड़ी हो जाती है ! कभी ये सरकारी जच्चाखाने में से नवजात शिशु को खींच कर ले जाते हैं तो कभी , इंसानी लाशों को नोच कर खा जाते हैं ! प्रतिवर्ष कुत्तों के काटने से हिन्दोस्तान में हज़ारों लोग दर्दनाक और अकाल मौत मर जाते हैं ! इसको रोकने का एक ही उपाय है की सारे आवारा कुत्तों को मौत के घाट उतार दिया जाए , लेकिन मेनका गाँधी ऐसा होने नहीं देगी और हिन्दोस्तान के मासूम नागरिक, विशेषकर गरीब और अशिक्षित वर्ग के लोग , यूँ ही रेबीज से तड़प तड़प कर मरते रहेंगे ! काश ! वरुण गाँधी को ऐसे ही आवारा नोच खाएं, तब जाकर मेनका गाँधी को एहसास होगा की आवारा कुत्तों को संरक्षण देना कितना ग़लत है !
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