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RSS न होता तो हम वंदे मातरम के बारे में कभी न जान पाते : योगी आदित्‍यनाथ

योगी ने कहा, "दुनिया में संघ जैसा कोई स्वयंसेवी संगठन नहीं है, जो बिना सरकारी मदद के अपने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे रहा है।"

Author October 11, 2017 8:32 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यहां कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) न होता तो हम वंदे मातरम के बारे में नहीं जान पाते। उन्होंने कहा कि संघ की दी गई दृष्टि आज भी प्रासंगिक है। योगी मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच पूर्व सरसंघचालकों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित पुस्तकों का साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रभात प्रकाशन द्वारा आयोजित इस समारोह में उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों के माध्यम से कुछ लोगों द्वारा संघ के संबंध में फैलाई जाने वाली भ्रांतियों का निवारण होगा। संघ के पांचों पूजनीय सरसंघचालक वास्तव में इस राष्ट्रशरीर के पंच प्राण हैं।

योगी ने कहा, “दुनिया में संघ जैसा कोई स्वयंसेवी संगठन नहीं है, जो बिना सरकारी मदद के अपने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे रहा है। 1925 से संघ स्वत: स्फूर्त भाव से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ाने का कार्य कर रहा है। संघ ने हमें दृष्टि दी है कि हम व्यक्तिवादी, परिवारवादी, जातिवादी न बनें, हम किसी मत-मजहब के हो सकते हैं, पर धर्म एक है, वह है राष्ट्रधर्म।”

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मुख्यमंत्री ने कहा, “पुस्तकों के माध्यम से ऐसे महान व्यक्तियों के जीवन के बारे में, जो समाज के लिए समर्पित थे, को जानने और पहचानने का मौका मिलेगा। पांचों दिवंगत विभूतियों ने समाज को बहुत कुछ दिया। जिसे अपने इतिहास का बोध नहीं होता वह अपने भूगोल को भी सुरक्षित नहीं कर सकता।”

शनिवार को लखनऊ जू में आयोजित एक कार्यक्रम में योगी ने कहा था, “भारत के अंदर अवतारों की परंपरा को देखें तो समझ में आता है कि पर्यावरण और मनुष्य के बीच समन्वय जरूरी है। जिस क्षेत्र में प्राणी उद्यान है, वहां छात्रों को जरूर लाया जाना चाहिए, ताकि बच्चे जीव-जंतुओं को करीब से देखें, समझें। मनुष्य को केवल अपनी सुख-सुविधा के लिए जंगल और जीव-जंतुओं को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।”

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