UP: योगी की 'पुलिस' को दी जा रही है 'रोमियो' पहचानने की ट्रेनिंग - IPS Navneet Sikera Trained UP Cops: How To Spot A 'Romeo' - Jansatta
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UP: योगी की ‘पुलिस’ को दी जा रही है ‘रोमियो’ पहचानने की ट्रेनिंग, ऐसे लगाई जा रही क्लास

वूमेन पावरलाइन की डिप्टी एसपी बबिता सिंह ने बताया कि पुलिस वालों को रोमियो पहचानने की ट्रेनिंग इसलिए दी जा रही है वह मोहब्बत करने वालों को परेशान करें।

उत्‍तर प्रदेश पुलिस को दी जा रही ट्रेनिंग। (FILE PHOTO)

यूपी की योगी सरकार ने महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मनचलों को रोकने के लिए एंटी रोमियो दस्ते (स्कवाड) का गठन किया था। एंटी रोमिया स्कवाड के फेल हो जाने के बाद अब पुलिस को रोमियो पहचनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। पुलिसवालों की यह ट्रेनिंग लखनऊ में वूमेन पावरलाइन के दफ्तर में चल रही है। ट्रेनिंग की जिम्मेदारी तेज-तर्रार आईपीएस नवनीत सिकेरा के हाथों में है। ट्रेनिंग में पुलिस को यह सीखाया जा रहा है कि वह मोरल पुलिसिंग न करें। साथ ही प्यार करने वालों को परेशान न करें। बीते दिनों कई ऐसी घटनाएं सामने आई थी, जिसमे प्रेमी जोड़े पुलिस का पुलिस हुए थे। इसे लेकर पुलिस और एंटी रोमियो दल की तीखी आलोचनाएं हुई थी। एक मामले में तो पुलिस भाई-बहन को ही रोमिया बताकर थाने ले आई थी। जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी।

वूमेन पावरलाइन की डिप्टी एसपी बबिता सिंह ने एनडीटीवी को बताया कि पुलिस वालों को रोमियो पहचानने की ट्रेनिंग इसलिए दी जा रही है वह मोहब्बत करने वालों को परेशान करें। उन्हें बताया जा रहा है कि सिर्फ तभी लड़के को पकड़ा जाए जब वह लड़की को छेड़ रहे हो। प्यार या दोस्तों के साथ घुमने वालों को परेशान नहीं किया जाए। ट्रेनिंग के दौरान पुलिस को पुराने वीडियो भी दिखाए जा रहे हैं ताकि उन्हें पता चल सके कि पिछली बार उनसे कहा गलती हुई। ट्रेनिंग में उन्हें बताया जा रहा है कि कानूनन लड़के-लड़की का एकसाथ बैठना जुर्म नहीं है और नही मोहब्बत करना अपराध है। इसलिए पुलिस मोहब्बत की दुश्मन न बने। आईपीएस नवनीत सिकेरा ट्रेनिंग में पुलिसवालों को उदाहरण देकर समझा रहे हैं।

एंटी रोमियो स्कवाड की आलोचना
यूपी के रामपुर में एंटी रोमियो दल की कार्रवाई के दौरान एक युवक और उसके रिश्तेदार की बहन का कथित तौर पर उत्पीड़न करने का मामला सामने आया था। पुलिसकर्मियों ने एंटी रोमियो अभियान के तहत उन पर कार्रवाई की और उन्हें थाने में पांच घंटे से ज्यादा समय तक रखा। ये बताने के बावजूद, कि वो प्रेमी युगल नहीं बल्कि रिश्तेदार हैं, पुलिसकर्मियों ने उन्हें नहीं जाने दिया। पुलिसकर्मियों ने उनसे कथित तौर पर पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी। रिश्तेदारों ने रिश्वत दे दी और इसका वीडियो भी बना लिया। वीडियो देखने और प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी उपनिरीक्षक और सिपाही को निलंबित कर दिया गया। इसी तरह झांसी में एक युवक को कान पकड़कर उठक-बैठक कराने का मामला सामने आया था।

एंटी रोमियो स्क्वाड का नाम बदला
गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों में बहुमत हासिल करने के बाद जब राज्य में बीजेपी सरकार सत्ता में काबिज हुई तभी से सरकार ने अपने चुनावी वादों में एंटी रोमियो स्क्वाड के गठन का वादा पूरा कर सभी पुलिस थानों में एंटी स्क्वाड का गठन करवाया। बता दें कि सरकार के इस कदम का तो लोगों स्वागत किया लेकिन इसके द्वारा जब कपल्स को परेशान किए जाने लगा तो इसकी खूब आलोचनाएं भी हुई। हाल ही में सरकार द्वारा एंटी रोमिया स्कवाड का नाम बदलने को लेकर भी फैसला लिया गया। सरकार ने एंटी रोमियो स्क्वाड का नाम बदलकर ‘नारी सुरक्षा बल’ करने का निर्णय लिया है।

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