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यूपी: ‘रोड खराब थी’, तो घायल महिला को खाट पर लाद ले गए 5 पुलिसवाले, मिली शाबासी

एसपी बांदा के मुताबिक यह इन पुलिसकर्मियों की समर्पण और भक्ति को दिखाता है। महिला को चिकित्सकीय उपचार की जरुरत थी और उसे सिर्फ इसलिए बचाया जा सकता था क्योंकि पुलिसकर्मी ने समय में काम किया।

Author December 4, 2018 1:41 PM
यूपी पुलिस का यह वीडियो सोमवार के दिन सोशल मीडिया खासा वायरल हुआ। (फोटो सोर्स इंडियन एक्सप्रेस)

यूपी के बांदा जिले में एक घायल महिला को चारपाई पर इलाज के लिए आधा किमी तक ले जाने वाले पांच पुलिसकर्मियों को प्रमाणपत्रों के साथ पुरस्कृत किया गया है। महिला की मदद करने वाला एक वीडियो भी सोमवार (3 दिसंबर, 2018) को सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ। घटना रविवार की बताई जाती है जब 48 वर्षीय यशोदा (विधवा) ने कथित तौर पर आत्महत्या करने के लिए खुद को आग लगा ली। बांदा एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि महिला का अभी जिला हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है और वह अब खतरे से बाहर है। पांच पुलिसकर्मी घायल महिला को घाट पर 500 मीटर दूर सड़क पर लाए जहां से उसे PRV के जरिए हॉस्पिटल ले जाया गया। इन पुलिसकर्मियों में दो नरैनी पुलिस स्टेशन में तैनात हैं और तीन डायल 100, पुलिस रिस्पांस व्हीकल (PRV) में हैं।

नरैनी पुलिस स्टेशन में तैनात स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) प्रकाश सरोज ने बताया, ‘रविवार को जब हमें आत्महत्या की कोशिश के बारे में पता चला, सिपाही संतोष कुमार और रोहित यादव को बलदू का पूर्वा गांव मामले में संज्ञान लेने के लिए भेजा गया। इसी दौरान एक PRV भी घटनास्थल पर पहुंच गई, इसमें तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। गांव पहुंचने पर पुलिसकर्मियों को महसूस हुआ कि महिला के घर तक वाहन लेकर नहीं पहुंचा जा सकता क्योंकि वहां पक्का रोड नहीं था। इसलिए पांच पुलिसकर्मी महिला को खाट पर अपने कंधों पर PRV तक लाए, जहां से उसे हॉस्पिटल ले जाया गया।’

यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला ने पैसों से जुड़े मामले के चलते खुद की जान लेने का कदम उठाया। हालांकि पुख्ता जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं प्रकाश सरोज ने बताया, ‘जब तक हम महिला के घर पहुंचे, तब तक स्थानीय लोगों द्वारा आग को बुझा दिया गया। महिला को तुरंत उपचार की जरुरत थी। हालांकि परेशानी महिला के घर की लोकेशन को लेकर थी। घर ऐसी जगह था जहां कोई वाहन नहीं पहुंच सकता था। इसलिए PRV को मुख्य सड़क पर पार्क किया गया। मुख्य सड़क महिला के घर से करीब आधा किमी दूर थी। जिसके चलते महिला को खाट पर डाल कंधों पर उठाकर PRV तक लाने का फैसला लिया गया। जब तक हम मौके पर पहुंचे किसी ने एंबुलेंस को नहीं बुलाया था। सिर्फ महिला का बेटा वहां मौजूद था।’

वहीं एसपी बांदा के मुताबिक, ‘यह इन पुलिसकर्मियों की समर्पण और भक्ति को दिखाता है। महिला को चिकित्सकीय उपचार की जरुरत थी और उसे सिर्फ इसलिए बचाया जा सकता था क्योंकि पुलिसकर्मी ने समय में काम किया। मैंने पांचों को उनके अच्छे काम के लिए पुरस्कृत किया है। इसके अलावा आने वाले दिनों में नगद पुरस्कार भी दिया जाएगा।’

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