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उत्तर प्रदेश: सामूहिक बलात्कार की शिकार महिला पर चौथी बार तेजाब से हमला

एडीजी लखनऊ अभय कुमार सिंह ने भाषा को बताया कि हम महिला के परिजनों के मामला दर्ज कराए जाने का इंतजार कर रहे है। अभी तक किसी परिजन ने कोई मामला दर्ज नही कराया है।
Author लखनऊ | July 3, 2017 07:37 am
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

सामूहिक बलात्कार की शिकार एक महिला पर आठ साल में पांचवी बार एक बार फिर हमला हुआ और इस बार उस पर एक बार फिर तेजाब फेंका गया। इस घटना के बाद विपक्षी पार्टियों ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरा है।  कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लोकसभा क्षेत्र रायबरेली की रहने वाली इस 45 साल की महिला पर कथित तेजाब फेंके जाने की घटना शनिवार रात राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुई। कथित पीड़ित महिला के मुताबिक यह घटना पर शनिवार रात उस हॉस्टल के पास हुई जहां वह रहती है। इस महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जाती है। इस महिला पर चौथी बार तेजाब से हमला किया गया है जबकि 2012 में उस पर चाकुओं से हमला किया गया था। केवल चार महीने पहले इस महिला को ट्रेन में दो व्यक्तियों ने कथित तौर पर जबरन तेजाब पिलाने की कोशिश की थी। इस मामले के बाद महिला को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे मिलने अस्पताल भी गए थे और उसे एक लाख रूपए की सहायता भी दी थी।  एडीजी लखनऊ अभय कुमार सिंह ने भाषा को बताया कि हम महिला के परिजनों के मामला दर्ज कराए जाने का इंतजार कर रहे है। अभी तक किसी परिजन ने कोई मामला दर्ज नही कराया है। अभी तक महिला के पति ने भी उससे मुलाकात नही की है।  उसके चेहरे और गले पर जले का निशान है हालांकि अभी इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है और पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है। मामले की जांच की जा रही है।

इस बीच, प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि हॉस्टल में एक गार्ड था और छत पर कुछ लड़कियां भी थीं, लेकिन उन्होंने किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को नहीं देखा। बहरहाल, यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।’ जांच चल रही है। पुलिस और हमारा विभाग तत्पर है।इस घटना को लेकर सपा ने प्रदेश की भाजपा सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घेरा। उन्होंने कहा ‘ए भाजपा के लोग पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर खूब हो-हल्ला मचाते थे, अब वे नियंत्रण खो चुके हैं और प्रदेश में अराजक तत्वों का शासन हो गया है।’ कांग्रेस नेता देवेन्द्र प्रताप ंिसह ने भी भाजपा सरकार पर ऐसी वारदात रोकने में नाकाम होने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस इस वारदात को संदिग्ध मान रही है। उसका कहना है कि किसी ने भी हमलावर को तेजाब फेंककर भागते हुए नहीं देखा। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि न तो हास्टल की वार्डन और न ही किसी लड़की ने हमलावर को देखा। हम पीड़ित का बयान लेने की कोशिश कर रहे हैं।

इससे पहले गत 23 मार्च को इसी महिला को ट्रेन में दो लोगों ने कथित रूप से जबरन तेजाब पिला दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल जाकर उसका हाल लिया था और आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश देने के साथ-साथ महिला को एक लाख रूपए की सहायता का एलान किया था।उसके बाद उसे सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी लेकिन उसकी सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल संदीप भी इस ताजा घटना के बारे में कुछ नहीं बता पा रहा है। उसका कहना है कि महिला की चीख सुनकर वह मौके पर पहुंचा मगर उसने किसी को भी भागते हुए नहीं देखा। मार्च में अपने साथ कथित रूप से हुई वारदात के बारे में महिला का कहना था कि उसके साथ वह घटना तब हुई थी जब वह इलाहाबाद लखनऊ गंगा गोमती एक्सप्रेस से चारबाग स्टेशन पहुंची थी और रेलवे पुलिस इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने यह शिकायत लिखकर दी थी क्योंकि वह कथित रूप से तेजाब पिलाए जाने की वजह से बोल नहीं पा रही थी। महिला का आरोप था कि ट्रेन में दो लोगों ने उसे जबरन तेजाब पिलाया था और उसका कहना था कि दो लोगों ने वर्ष 2009 में रायबरेली के ऊंचाहार स्थित उसके घर में संपत्ति के विवाद को लेकर उससे सामूहिक बलात्कार किया था। वर्ष 2012 में इसी महिला पर चाकू से हमला किया गया था और 2013 में भी उसे तेजाब से जलाने की कथित कोशिश की गई थी।

 

’2009 में संपत्ति विवाद में महिला के साथ
सामूहिक बलात्कार
’2012 में इसी महिला पर चाकू से हमला
किया गया
’2013 में महिला को तेजाब से जलाने की
कोशिश की गई
’2017 में 23 मार्च को तेजाब पिलाया गया

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