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Election 2018: मायावती ने साधा कांग्रेस पर निशाना, कहा- सीटों के लिए भीख मांगने के बजाय बसपा अकेले लड़ेगी चुनाव

Election 2018: मायावती ने कहा कि, "बीएसपी ने चुनावी गठबंधन में प्रवेश करने के लिए सीटों की 'सम्मानजनक संख्या' देने की शर्त पेश की है। बीएसपी सीटों की मांग नहीं करेगी। यदि सीटों की सम्मानजनक संख्या नहीं होती है, तो बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी।

मायावती ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी की प्राथमिकता बीजेपी सरकार को हटाना था और इसे जातिवादी, सांप्रदायिक, घमंडी, दुर्भावनापूर्ण और संकीर्ण मानसिकता कहा गया। (फाइल फोटो)

राज्य में आने वाले चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन के फैसले के बाद बसपा सुप्रीम मायावती ने कहा कि पार्टी चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन से सीटों की भीख मांगने के बजाए अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। यह बात बसपा सुप्रीमो नें बसपा के संस्थापक काशीराम की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम में कहीं। मायावती ने भी कांग्रेस और बीजेपी पर कहा कि दोनों में से कोई भी ऊपरी जाति के गरीबों के हितों के लिए काम नहीं करता है। बीएसपी इन दोनों दलों (बीजेपी और कांग्रेस) द्वारा संचालित सरकारों की ‘यातना’ के बावजूद दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुसलमानों, अन्य अल्पसंख्यकों और ऊपरी जातियों के गरीबों के आत्मसम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करेगी। साथ ही मायावती ने कहा कि कांग्रेस के साथ किसी भी तरह की सीमाओं से बाहर, बीएसपी किसी भी तरह के गठबंधन में प्रवेश नहीं करेगी जब तक कि सीटों की “सम्मानजनक संख्या” देने की शर्त का पालन नहीं किया जाता।

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मायावती ने कहा कि, “बीएसपी ने चुनावी गठबंधन में प्रवेश करने के लिए सीटों की ‘सम्मानजनक संख्या’ देने की शर्त पेश की है। बीएसपी सीटों की मांग नहीं करेगी। यदि यह (सीटों की सम्मानजनक संख्या) नहीं होती है, तो बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी। उनकी टिप्पणी कांग्रेस को चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जो 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी के खिलाफ देश भर में गठबंधन को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। यह एक मैसेज भी देती है कि बीएसपी, कांग्रेस को “बड़े भाई” की तरह बर्दाश्त नहीं करेगी और कांग्रेस को ग्रैंड एलायंस बनाने के लिए क्षेत्रीय दलों के लिए ज्यादा अनुकूल होना होगा।

हालांकि, मायावती ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी की प्राथमिकता बीजेपी सरकार को हटाना था और इसे जातिवादी, सांप्रदायिक, घमंडी, दुर्भावनापूर्ण और संकीर्ण मानसिकता कहा गया। एससी/एसटी अधिनियम के मूल प्रावधानों को बहाल करने के नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ हाई कास्ट समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भी किसी भी कानून के दुरुपयोग का समर्थन नहीं किया है। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की तरफ से कहा गया है कि अब पार्टी कांग्रेस के साथ मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन पर फैसला करने की प्रतीक्षा नहीं करेगी।

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