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बैठकों के जरिए बसपा पर हमले कर रही हैं दयाशंकर सिंह की पत्‍नी, सीधे मायावती से ले रहीं टक्‍कर

अभियान को लीड कर रहीं स्वाति सिंह ने रविवार को हुई मीटिंग में कहा कि बीएसपी नेतओं ने दयाशंकर सिंह को अरेस्ट करने की मांग करते हुए कथित तौर पर मेरी बेटी के लिए अपशब्द इस्तेमाल किए

Author लखनऊ | August 25, 2016 11:56 AM
दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह।

मायावती के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर दयाशंकर सिंह को बीजेपी से बाहर कर दिया गया। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दयाशंकर सिंह और उनकी पत्नी स्वाति सिंह पब्लिक मीटिंग कर बीएसपी को घेरने की कोशिश में हैं। दयाशंकर और उनकी पत्नी अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले काम कर रहे हैं, जिसके अध्यक्ष अपना दल के सांसद हरिबंश सिंह हैं। अपना दल का बीजेपी के साथ गठबंधन है। वे पहले भी कह चुके हैं कि वह किसी भी गैर-राजनीतिक संगठन और ग्रुप से सपोर्ट लेने के लिए स्वंतत्र है। लेकिन रविवार को हाथरस में दयाशंकर सिंह और स्वाति की पब्लिक मीटिंग में बीजेपी नेता और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के एक कैंडिडेट भी शामिल हुए। दोनों उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रीत कर रहे हैं जहां क्षत्रियों का प्रभुत्व है।

अभियान को लीड कर रहीं स्वाति सिंह ने रविवार को मीटिंग में कहा कि बीएसपी नेतओं ने दयाशंकर सिंह को अरेस्ट करने की मांग करते हुए कथित तौर पर मेरी बेटी के लिए अपशब्द इस्तेमाल किए। न तो मायावती और न ही यूपी पुलिस ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत अन्य बीएसपी नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई की। रविवार को महासभा द्वारा आयोजित मीटिंग का प्रतिनिधित्व बीएसपी एमएलए और पूर्व मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय ने किया। इसके अलावा मीटिंग में सिकंदरा से एसपी कैंडिडेट राव यशपाल सिंह और बीजेपी नेता वीरेंद्र सिंह समेत अन्य क्षत्रिय नेता भी शामिल हुए। हालांकि बीजेपी और एसपी ने इस मीटिंग से किनारा कर लिया है। वहीं स्वाति सिंह ने क्षत्रिय समुदाय के लोगों से बीएसपी को वोट न देने और “समुदाय की गरिमा और सम्मान के लिए खड़े होने” का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 साल की मेरी बेटी पर अश्लील कमेंट्स किए गए। इस तरह की पार्टी को कोई वोट न दे जहां महिलाओं का सम्मान नहीं होता है।

आने वाले हफ्तों में दयाशंकर सिंह और स्वाति सिंह इसी तरह के और कार्यक्रम यूपी में करने वाले हैं। जहां कार्यक्रम होने है उनमें मैनपुरी, बलिया, मऊ और आगरा शामिल है। दयाशंकर सिंह के गृह नगर बलिया में 28 अगस्त को मीटिंग का आयोजन किया गया। बीजेपी से निष्कासित दयाशंकर सिंह ने कहा कि इन कार्यक्रमों में किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं है। उन्होंने कहा कि ये स्वाति की लड़ाई है। मैं एक राजनेता हूं लेकिन वह सिर्फ एक मां है। जो अपनी बेटी के खातिर लड़ने के लिए तैयार है और इसी कारण से लोग उसका समर्थन कर रहे हैं। दयाशंकर सिंह ने कहा कि स्वाति राजनेता नहीं है लेकिन बीएसपी चीफ मायावती के खिलाफ सामान्य सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

क्षत्रिया महासभा के प्रमुख और प्रतापगढ़ के सांसद हरिबंश सिंह ने कहा कि उनका संगठन राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन करेगा क्योंकि क्षत्रिय समुदाय का अपमान हुआ है। इसमें कुछ भी राजनीति नहीं है, समुदाय के लोग, चाहे वो किसी भी पार्टी के सदस्य हो इसमें शामिल होंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कैंपेन से बीएसपी को दो दर्जन विधानसभा सीटों पर नुकसान हो सकता है। जहां उसने क्षत्रिय उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है।

 

 

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