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अंडरग्राउंड हुए मायावती को ‘वेश्‍या से भी बदतर’ चरित्र का बताने वाले निलंबित भाजपा नेता दयाशंकर सिंह, भाई हिरासत में

मायावती पर दयाशंकर सिंह का बयान सामने आने के बाद भाजपा ने उन्‍हें तत्‍काल उपाध्‍यक्ष पद से हटा दिया था और कुछ ही घंटे में छह साल के लिए पार्टी से निलंबित भी कर दिया।

विवाद के बाद दयाशंकर सिंह को पद से हटा दिया गया है।

भाजपा से छह साल के लिए निकाले गए दयाशंकर सिंह अंडरग्राउंड हो गए हैं। यूपी पुलिस उन्‍हें पकड़ने के लिए पूरे राज्‍य में छापे मार रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए उनके भाई को हिरासत में लिया है। दयाशंकर ने पूर्व मुख्‍यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती को ‘वेश्‍या से भी बदतर चरित्र’ का बताया था। उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर बसपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (21 जुलाई) को लखनऊ सहित कई शहरों में प्रदर्शन किया। सिंह करीब एक सप्‍ताह पहले ही यूपी भाजपा के उपाध्‍यक्ष बने थे। लेकिन मायावती पर उनका बयान सामने आने के बाद हुए हंगामे को देखते हुए पार्टी ने उन्‍हें तत्‍काल उपाध्‍यक्ष पद से हटा दिया था और कुछ ही घंटे में छह साल के लिए भाजपा से निलंबित भी कर दिया। मायावती ने अपने लिए ऐसे शब्‍दों का इस्‍तेमाल किए जाने के विरोध में 20 जुलाई को राज्‍यसभा में कड़ा भाषण दिया था और कहा था कि दयाशंकर की गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में लोग सड़कों पर उतर जाएंगे तो वह कुछ नहीं कर सकेंगी।

मायावती ने कहा था, ‘आजतक मैंने अपने भाषण में किसी के लिए अपशब्द का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने (दयाशंकर) मेरे लिए नहीं अपनी बहन, बेटी के बारे में बोला है। मुझे पूरा देश अपनी बहन मानता है। दयाशंकर को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए वर्ना अगर लोग सड़क पर हिंसा करने के लिए उतर आए तो मेरी जिम्मेदारी नहीं होगी।’ उनका यह बयान आने के तुरंत बाद लखनऊ में उत्‍तर प्रदेश भाजपा मुख्‍यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

मायावती को दयाशंकर सिंह के बयान की जानकारी सदन में ही साथी सांसदों से मिली थी। तृणमूल कांग्रेस के विवेक गुप्‍ता ने अपने स्‍मार्टफोन पर बसपा सांसद अशोक सिद्धार्थ को सिंह के बयान का वीडियो दिखाया। इसके बाद सिद्धार्थ ने भाग कर मायावती को यह जानकारी दी। बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने कांग्रेस सदस्‍यों गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और आनंद शर्मा आदि को बयान दिखाया। फिर राज्‍य मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी को बुला कर उन्‍हें इस बारे में बताया गया। टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन ने उन्‍हें अपने फोन पर वीडियो दिखाया। इसके बाद नकवी ने एक अधिकारी के जरिए अरुण जेटली को संदशा भिजवाया। इस बीच, मायावती ने भी वीडियो देख लिया था और विपक्ष के सभी सांसदों का समर्थन हासिल कर लिया था। उन्‍होंने सदन में बयान देने का फैसला लिया।

दयाशंकर सिंह इसी 12 जुलाई को यूपी भाजपा उपाध्‍यक्ष बनाए गए थे। बलिया से ताल्‍लुक रखने वाले दयाशंकर लखनऊ विश्‍वविद्यालय में छात्रसंघ अध्‍यक्ष रह चुके हैं। वे इस बार विधान परिषद के चुनाव में भी खड़े हुए थे, लेकिन उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा। दयाशंकर कभी राजनाथ के करीबी थे। लेकिन 2012 में जब राजनाथ के बेटे पंकज सिंह को प्रदेश महामंत्री बनाया गया तो दयाशंकर ने पंकज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

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