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जिस गेस्ट हाउस में रखी गईं प्रियंका गांधी, वहां गई बिजली, अंधेरे में बैठी रहीं कांग्रेस महासचिव

कांग्रेस नेता शुक्रवार (19 जुलाई, 2019) को भूमि विवाद को लेकर सोनभद्र के एक गांव में दस लोगों की हत्या के बाद वहां पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही थीं, जिन्हें अधिकारियों ने रास्ते में रोक लिया।

Author नई दिल्ली | July 20, 2019 10:13 AM
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी। (Source: Twitter/Congress)

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित जिस सरकारी गेस्ट हाउस में अधिकारियों द्वारा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को ले जाया गया वहां बिजली चली गई। कांग्रेस नेता शुक्रवार (19 जुलाई, 2019) को भूमि विवाद को लेकर सोनभद्र के एक गांव में दस लोगों की हत्या के बाद वहां पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही थीं, जिन्हें अधिकारियों ने रास्ते में रोक लिया। इसपर प्रियंका गांधी मिर्जापुर की सड़क पर बैठ गईं और तब तक प्रदर्शन करती रहीं जब तक उन्हें सरकारी कार में गेस्ट हाउस में नहीं ले जाया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जो चुनार में प्रियंका के साथ थे, ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने वहां से जाने पर मजबूर करने के लिए ऐसा किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सुना गया।कांग्रेस कार्यकर्ता कुमार सिंह पटेल ने आरोप लगाया, ‘जिला प्रशासन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान करना चाहता है और प्रियंका गांधी को यहां से जाने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन, कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे हमें कितना परेशान करते हैं।’

वहीं गेस्ट हाउस में बिजली नहीं होने पर कांग्रेस नेता गुलाब चंद पांडे ने कहा कि ‘सरकारी सोचती है कि अगर यहां अंधेरा रहेगा तो लोग यहां से चले जाएंगे। हम भागेंगे नहीं। हम अपने नेता को छोड़ेंगे नहीं। हम यहां प्रियंका जी के साथ हैं। इतनी बड़ी घटना हुई और विपक्षी नेता को वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। क्या यह लोकतंत्र की हत्या नहीं है?’

गौरतलब है कि बिजली गुल होने के दौरान प्रियंका गांधी को गेस्ट हाउस में मौजूद लोगों से मोबाइल फोन की रोशनी की मदद से बातचीत करते देखा गया। उन्हें कुछ लोगों के साथ सेल्फी लेते हुए भी देखा गया। मामले में प्रियंका ने ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा, ‘मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आई हूं। जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी। उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है।’

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