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यूपी की राजनीति में हो सकता है बड़ा फेरबदल, योगी के मंत्री दे सकते हैं इस्तीफा, तोड़ सकते हैं भाजपा से नाता

27 अक्टूबर को राजभर की पार्टी का 16वां स्थापना दिवस है। इसीलिए राजभर ने योगी सरकार को 26 अक्टूबर तक का वक्त दिया था।

Author Updated: October 27, 2018 11:29 AM
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Photo : IANS)

मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के संभावित परिणामों से विचलित भाजपा को लोकसभा चुनाव में भी अपनी सहयोगी पार्टी से झटका मिल सकता है। उत्तर प्रदेश में पार्टी के 16वें स्थापना दिवस पर सुहेलदेव भारत समाज पार्टी के अध्यक्ष और राज्य की योगी आदित्य नाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर शनिवार यानी आज राजधानी लखनऊ में बड़ी रैली करने जा रहे हैं। खबर है कि इस मौके पर राजभर भाजपा और योगी मंत्रिमंडल से अलग होने का ऐलान कर सकते हैं। दरअसल एक हिंदी न्यूज चैनल से राजभर ने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले जो वादा किया था उसे पूरा ही नहीं किया गया। अब पार्टी के स्थापना दिवस पर हमें कोई बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा

बता दें कि 27 अक्टूबर को राजभर की पार्टी का 16वां स्थापना दिवस है। इसीलिए राजभर ने योगी सरकार को 26 अक्टूबर तक का वक्त दिया था। राजभर के मुताबिक, ‘भाजपा ने कहा था कि वो पिछड़ी जाति के बीच आरक्षण का बंटवारा करेगी। पिछड़ा, अति पिछड़ा और बहुत ज्यादा पिछड़ा करके सभी जातियों की भागीदारी तय की जाएगी, लेकिन ऐसा किया नहीं गया।’

उन्होंने कहा कि पिछड़ों को लेकर राज्य सरकार का रवैया उपेक्षापूर्ण रहा है। भाजपा नेता सार्वजनिक मंचों से पिछड़ों के हितों की बात तो करते हैं लेकिन फैसले के वक्त इसे टाल देते हैं। राजभर के मुताबिक वह कई मौकों पर भाजपा आलाकमान से पिछड़े और गरीबों को आरक्षण का लाभ देने के लिए इसमें बंटवारे की गुजारिश की कर चुके हैं, मगर अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

उन्होंने कहा, ‘अब कितनी और प्रतिक्षा करें। मेरे लिए पिछड़ो का हित और उनकी समस्याओं का समाधान सत्ता से बड़ा है। छह महीने पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी भरोसा दिया था कि पिछड़ों और अति पिछड़ों के बीच आरक्षण बंटवारे के मुद्दे पर टोस कदम उठाए जाएंगे। मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब तो लोकसभा चुनाव आ रहे और फरवरी में अधिसूचना भी जारी हो जाएगी।’

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