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मायावती पर अभ्रद टिप्पणी को लेकर बसपा का प्रदर्शन, दयाशंकर की गिरफ्तारी के लिए 36 घंटे का अल्टीमेटम

बसपा कार्यकर्ताओं ने सिंह का पुतला जलाते वक्त उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए उनके तथा उनके परिवार के प्रति बेहद आपत्तिजनक शब्दों भरी नारेबाजी की।

Author लखनऊ | July 21, 2016 3:13 PM
लखनऊ में निलंबित भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता। (AP Photo/Rajesh Kumar Singh)

भाजपा के पूर्व प्रान्तीय उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह द्वारा बसपा मुखिया मायावती के खिलाफ ‘अभ्रद’ टिप्पणी किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (21 जुलाई) को राजधानी लखनऊ के हजरतगंज में जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में, प्रशासन को सिंह की गिरफ्तारी के लिए 36 घंटे की मोहलत देकर आंदोलन को रोक दिया गया। बसपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया और सिंह को दलित एक्ट के तहत गिरफ्तार करने की जोरदार तरीके से मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे बसपा कारकुनों ने बेहद तल्ख और आपत्तिजनक भाषा वाले नारे लिखे बैनर और पोस्टर लहराए।

कार्यकर्ताओं ने सिंह का पुतला जलाते हुए उनके तथा उनके परिवार के प्रति आपत्तिजनक शब्दों भरी नारेबाजी की। पुतला जलाने के दौरान एक कार्यकर्ता की कमीज में आग लग गयी लेकिन समय रहते उसे बुझा लिया गया। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी ने सिंह की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को 36 घंटे की मोहलत दी है। अगर इस अवधि में गिरफ्तारी नहीं हुई तो इस प्रदर्शन को दोबारा शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दयाशंकर सिंह ने बसपा मुखिया मायावती के प्रति निहायत आपत्तिजनक टिप्पणी करके सामंतवादी सोच का परिचय दिया है और अपनी पार्टी की जहनियत को जाहिर किया है। बसपा इसका करारा जवाब देगी।

मायावती के खिलाफ अभ्रद टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे थे। उनके आने का सिलसिला बुधवार (20 जुलाई) रात से ही शुरू हो गया था। जिला प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने पिछले दिनों मऊ में संवाददाताओं से बातचीत में बसपा अध्यक्ष मायावती पर अभद्र टिप्पणी करते हुए उन पर ज्यादा से ज्यादा धन देने वालों को पार्टी का चुनाव टिकट बेचने का आरोप लगाया था। हालांकि मामला तूल पकड़ने पर सिंह ने माफी भी मांग ली थी। बहरहाल, उन्हें पार्टी उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था और गुरुवार (21 जुलाई) देर रात उन्हें भाजपा से छह साल के लिए निकाल दिया गया था।

इस बीच, बसपा ने पार्टी मुखिया मायावती के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के खिलाफ गुरुवार (21 जुलाई) देर रात राजधानी की हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया। बसपा नेता मेवालाल गौतम की तरफ से दर्ज प्राथमिकी में सिंह के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम तथा भारतीय दंड सहिता की धाराएं लगायी गयी हैं।

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