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यूपी का रण: मायावती संभालेंगी पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश, अखिलेश के जिम्‍मे पूर्वांचल!

मायावती 15 साल बाद अपने लिए लोकसभा सीट चुन सकती हैं। 2004 में आखिरी बार आम चुनाव लड़ने वाली मायावती ने पूर्वी यूपी की अकबरपुर सीट से दो बार चुनाव जीता है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती। (पीटीआई फोटो)

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) 17 आरक्षित सीटों के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतार सकती है। दोनों पक्षों का कहना है कि उन्होंने कई सीटों पर फैसला ले लिया है। खबर के मुताबिक बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। इसमें बाप-बेटे के जोड़ी जहां कन्नौज और मैनपुरी से चुनाव लड़ेगी वहीं मायावती 15 साल बाद अपने लिए लोकसभा सीट चुन सकती हैं। 2004 में आखिरी बार आम चुनाव लड़ने वाली मायावती ने पूर्वी यूपी की अकबरपुर सीट से दो बार चुनाव जीता है।

जानकारी के मुताबिक बुलंदशहर, आगरा, बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर, नगीना, अलीगढ़ जैसी लोकसभा सीटों पर बीएसपी उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने की संभावना है जबकि इटावा, लखनऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर, इलाहाबाद, कानपुर और आजमगढ़ जैसी लोकसभा सीटों पर सपा अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतार सकती है। बागपत और मथुरा की सीट आरएलडी के अजीत सिंह और जयंत चौधरी के लिए छोड़ी गई हैं। आरएलडी अगर कांग्रेस संग गठबंधन करती है तो सपा-बसपा गठबंधन इन सीटों पर अपना उम्मीदवार उतार सकता है।

यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव शनिवार (12 जनवरी, 2019) को कहा था कि वह कम सीटों पर समझौता करने के लिए तैयार हैं। मगर दोनों पार्टियों को समान भागीदार बनाने के लिए वह मायावती के आभारी हैं। इससे मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को एक संदेश गया कि दोनों पार्टियों में किसी को नीचा देखा गया। गौरतलब है कि बसपा ने उन सीटों की पहचान कर ली है जहां यादव मतदातओं की मदद से दलित और मुस्लिम वोटर्स के बलबूते उसे चुनाव जीतने में मदद मिलेगी। वहीं सपा उन सीटों पर चुनाव लड़ेगी जहां यादव-मुस्लिम मतदाताओं की खासी संख्या है और दलितों का भी वोट मिलेगा।

बता दें कि साल 2014 के लोकसभा और साल 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा, बसपा के मुकाबले खासी कामयाब रही है। लोकसभा चुनाव में सपा ने जहां पांच सीटें जीतीं वहीं 31 सीटों पर दूसरे नबंर पर रही। चुनाव में बसपा ने कोई सीट नहीं जीती मगर 33 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। फूलपुर और गोरखपुर के उप चुनाव में भी बसपा दूसरे नंबर रही। इन सीटों को सपा ने जीता था।

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