BJP Claim Akhilesh yadav Govt in minority after Samajwadi party war - सपा में उठापटक के बाद भाजपा का दावा, अल्पमत में आ गई है अखिलेश सरकार - Jansatta
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सपा में उठापटक के बाद भाजपा ने कहा, अखिलेश सरकार इस्तीफ़ा दे या फिर बहुमत साबित करे

भाजपा की मांग है कि राज्यपाल अखिलेश यादव सरकार को बहुमत साबित करने को कहें।

Author लखनऊ/नई दिल्ली | October 23, 2016 7:02 PM
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य। (पीटीआई फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी में रविवार (23 अक्टूबर) को मची राजनीतिक उथल पुथल को भाजपा ने ‘लूट के बंटवारे’ को लेकर मचा घमासान बताते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए यह नाटक रच रहा है। भाजपा ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि राज्य की अखिलेश सरकार अल्पमत में आ गयी है ऐसे में उसे किसी भी तरह का नीतिगत निर्णय करने से रोका जाना चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व वाली सरकार को एक डूबता जहाज करार दिया जो जनता का विश्वास खो चुकी है। वहीं, लखनऊ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि राज्य की अखिलेश यादव सरकार अल्पमत में आ गयी है और राज्यपाल को उसे बहुमत साबित करने से पहले कोई भी नीतिगत निर्णय लेने से रोकना चाहिए। मौर्य ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार सपा में जारी खींचतान और शिवपाल सिंह यादव समेत कई मंत्रियों की बर्खास्तगी के बाद दोनों खेमों में बढ़ी दूरी से राज्य की अखिलेश यादव सरकार अल्पमत में आ गयी है, लिहाजा उनकी मांग है कि राज्यपाल उसे बहुमत साबित करने को कहें।

कांग्रेस छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल होने वाली रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि समाजवादी पार्टी टूट के कगार पर पहुंच गई है क्योंकि आने वाले दिनों में यह और गहरा होता जाएगा। दिल्ली में श्रीकांत शर्मा ने कहा कि लोग विकास और सुशासन चाहते हैं और मोदीजी और अमित शाह के नेतृत्व में राज्य में भाजपा की भ्रष्टाचार मुक्त विकासोन्मुख सरकार को जनादेश देने को कृतसंकल्प हैं। समाजवादी पार्टी के संकट का जिक्र करते हुए शर्मा ने दावा किया कि यह लूट के बंटवारे को लेकर मचा घमासान है। अंतिम समय में बर्खास्तगी का ड्रामा विफलताओं को छिपाने और पर्दा डालने की कवायद है। इस सब से अखिलेश यादव और उनकी सरकार का जनता के समक्ष पर्दाफाश हो गया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट चुकी है। लोग भूमाफिया और खनन माफिया से भयाक्रांत और खौफ में है।

केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का राजनीतिक पतन शुरू हो गया है और उत्तर प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को भारी बहुमत के साथ जिताने का मन बना लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा रविवार को अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव समेत चार मंत्रियों को बर्खास्त किए जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में केंद्रीय कौशल विकास मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘ये उनका आंतरिक कलह है लेकिन उनका ढांचा ढह रहा है। राजनीतिक ह्रास प्रारंभ हो चुका है।’ दूसरी ओर श्रीकांत शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव के शासनकाल में साढे चार वर्षो तक लूट जारी रही और जनता इससे त्रस्त रही।

शर्मा ने कहा कि उत्तरप्रदेश में गांव में बिजली, पानी, सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग त्रस्त हैं। मरीज दवाओं के लिए और नौजवान रोजगार के लिए परेशान हैं। दूसरी ओर अखिलेश यादव सरकार के तहत सूबे में लूटेरों को खुली छूट मिली है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपने आप को ईमानदार दिखाने के लिए बर्खास्तगी का नाटक कर रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि बहन मायावती के नेतृत्व वाली सरकार की अराजकता, उस समय अपराध, भ्रष्टाचार और घोटालों से त्रस्त होकर साल 2012 में जनता ने मुलायम सिंह यादव की सपा को चुना था लेकिन इसके बाद अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी ‘बुआ’ के अपराध, भ्रष्टाचार और अराजकता की विरासत को ही आगे बढ़ाने का काम किया।

शर्मा ने कहा कि आज अखिलेश यादव सरकार केवल कागजों पर ही सिमट गई है और लोग इस सरकार को पहले ही खारिज कर चुके हैं। ऐसे में इस तरह के बर्खास्गी के नाटक से कोई फायदा नहीं होने वाला। लोग भाजपा के पक्ष में मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा ‘जहां तक मेरी जानकारी है तो सपा के विधायकों की निष्ठा अपनी पार्टी के बजाय एक-दूसरे गुटों के प्रति है। ऐसे में प्रदेश की सपा सरकार अल्पमत में आ गयी है। मेरी मांग है कि राज्यपाल सदन की बैठक बुलाएं और सपा को अपना बहुमत साबित करने को कहें। बहुमत साबित किये जाने से पहले राज्यपाल महोदय इस सरकार के कोई भी नीतिगत निर्णय लेने पर रोक लगाएं।’ मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने चाचा वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव तथा उनके वफादार माने जाने वाले मंत्री ओमप्रकाश सिंह, नारद राय तथा सैयदा शादाब फातिमा को मंत्रिमण्डल से बर्खास्त कर दिया। इसे लेकर अखिलेश और शिवपाल खेमों के बीच द्वंद्व और तेज हो गया है। बाद में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश के हिमायती बताये जाने वाले अपने भाई पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाल दिया।

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