राम भक्तों की वजह से भीम आर्मी चीफ ने नाम से हटाया ‘रावण’!

वीएचपी की महारैली के एक दिन बाद अयोध्या प्रशासन से मीटिंग कर लखनऊ में भीम आर्मी नेता ने कहा, ‘अयोध्या रैली की वजह से ओबीसी, मुस्लिम और दलित समुदाय में असुरक्षा की भावना थी। इसलिए मैं उनकी सुरक्षा के आश्वासन के लिए अयोध्या गया। हमनें डीएम और सीनियर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।’

Bhim Army founder Chandrashekhar
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद, बीच में। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने अपने नाम के पीछे लगा उपनाम ‘रावण’ हटा लिया है। रावण उपनाम हटाने के पीछे आजाद का तर्क है कि वो नहीं चाहते कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राम भक्त बनाम रावण भक्त को लेकर ध्रुवीकरण हो। उन्होंने कहा, ‘जब मैं जेल से रिहा हुआ। तब सिर्फ रावण को लेकर ही बात हुईं। इस दौरान महसूस हुआ कि किसी राजनीतिक पार्टी को अपने नाम की वजह से लाभ नहीं मिले। आधिकारिक तौर पर मेरा नाम चंद्र शेखर आजाद है और कल मैं शायद अपने आपको को चुलबुल पांडे कहलाना पसंद करूं। मैं कतई नहीं चाहता कि कोई राजनतीतिक पार्टी राम और रावण में से किसी एक को चुनने को कहे।’

वीएचपी की महारैली के एक दिन बाद अयोध्या प्रशासन से मीटिंग कर लखनऊ में भीम आर्मी नेता ने कहा, ‘अयोध्या रैली की वजह से ओबीसी, मुस्लिम और दलित समुदाय में असुरक्षा की भावना थी। इसलिए मैं उनकी सुरक्षा के आश्वासन के लिए अयोध्या गया। हमनें डीएम और सीनियर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।’ आजाद ने यह बात पूर्व बीएसपी मिनिस्टर दद्दू प्रसाद के आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। बसपा प्रमुख मायावती ने दद्दू प्रसाद को पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप लगातार निष्कासित किया है। बाद में उनपर टिकट बेचने का भी आरोप लगाया गया।

बता दें कि मायावती भीम आर्मी नेता पर लागातार भाजपा एजेंट होने का आरोप लगाती रही हैं। इसपर आजाद ने कहा, ‘बहन जी बहुजन समाज की सबसे बड़ी नेता हैं। मुझे लगता है कि उन्हें किसी ने हमारे खिलाफ भड़काया है। हम तो एक सामाजिक आंदोलन चला रहे हैं। कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बनाएंगे, इसलिए किसी को हमसे डरने की जरुरत नहीं। हम उनके साथ खड़े होंगे और कोशिश करेंगे कि इस बार बहुजन समाज की सरकार बने।’ आजाद ने कहा कि उनका संगठन अगले कुछ महीने देशभर की यात्राओं में बिताएगा। हालांकि भीम आर्मी चीफ ने साफ किया कि यात्रा के दौरान वो लोगों से नहीं कहेंगे कि वो किसी वोट करें। मगर हम उन्हें बताएंगे कि कौन उनका दुश्मन है और कौन उनका दोस्त।

 

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