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केंद्रीय यूनिवर्सिटी ने महिलाओं के लिए जारी किया ‘सेफ्टी डेडलाइन’, शाम 6 बजे के बाद कैंपस में रुकने पर रोक

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता गोविंद पांडे ने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई है, जिससे बचने के लिए कुलपति की ओर से महिला कर्मचारियों को 6 बजे के बाद ऑफिस में नहीं रुकने के लिए कहा गया है।
भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी ने जारी किया डेडलाइन। (Representative Image)

केंद्रीय यूनिवर्सिटी भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) ने महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डेडलाइन जारी की है। लखनऊ स्थित यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कहा गया है कि कोई भी महिला कर्मचारी, यहां तक कि फैक्लटी मेंबर्स (टीचर) शाम 6 बजे के बाद कैंपस में अपने ऑफिस में नहीं रुकेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यूनिवर्सिटी के कुलपति आर सी सोबती की ओर से यह आदेश जारी किया गया है और कहा गया है कि यह कदम महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से उठाया गया है। आदेश के मुताबिक यदि महिला कर्मचारी शाम 6 बजे के बाद ऑफिस में रुकना चाहती है तो इसके लिए उन्हें कुलपति की इजाजत की जरुरत होगी।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता गोविंद पांडे ने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई है, जिससे बचने के लिए कुलपति की ओर से महिला कर्मचारियों को 6बजे के बाद ऑफिस में नहीं रुकने के लिए कहा गया है। उन्होंने आगे कहा कि सभी विभागों के अध्यक्ष (HOD) से कहा गया है कि यदि कोई गर्ल स्टूडेंट भी 6बजे के बाद प्रयोगशाला में रुकना चाहती है तो उसे पहले से इस बात की जानकारी देनी होगी। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन के इस आदेश की आलोचना के स्वर उठने लगे हैं। विश्वविद्यालय की महिला कर्मचारियों द्वारा उनकी स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने की कोशिश के रूप में इस आदेश की आलोचना की गई है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “क्या इस तरह महिलाओं को काम की स्वतंत्रता दी जाती है? क्या सुरक्षा के नाम पर महिलाओं का यूनिवर्सिटी में काम करना बंद किया जा रहा है? अधिकारी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से सवाल पूछते हुए कहा, “कथित तौर पर क्यों सुरक्षा को सुनिश्चित करने के नाम पर 1 करोड़ खर्च करके सीसीटीवी कैमरा लगवाए गए हैं।”

रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह के आदेश काम में बाधा डालते हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि यूनिवर्सिटी में दो डॉक्टर, एक पुरुष और एक महिला डॉक्टर है, जो कि नाइट शिफ्ट भी करते हैं। नाइट शिफ्ट 8बजे के बाद शुरू होती है। आदेश के मुताबिक महिला अधिकारी को नाइट शिफ्ट में नहीं आना होगा। एक अन्य फैक्लटी मेंबर ने कहा कि यूनिवर्सिटी का स्कॉलर रूम 11बजे तक खुलता है, जहां लिंग को ध्यान में रखे बिना स्टूडेंट्स को जाने की अनुमति दी गई थी। यहां तक कि गर्ल्स हॉस्टल में भी 8 बजे के बाद ही बाहर निकलने पर मनाही है। बता दें कि विश्वविद्यालयों द्वारा इस तरह के आदेश पहले भी जारी किए जा चुके हैं। इन पर जमकर विवाद भी हुआ। भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से दिए गए इस आदेश को लेकर भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनती दिख रही है।

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