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अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी को बताया मोदी-अमित शाह का षड़यंत्र, कहा- जनता सिखाएं सबक

केजरीवाल ने कथित रूप से आयकर विभाग के कुछ दस्तावेज दिखाते हुए प्रधानमंत्री पर दो प्रमुख औद्योगिक घरानों से रिश्वत लेने के गम्भीर आरोप लगाये।

Author लखनऊ | December 18, 2016 19:57 pm
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बीजेपी और एबीवीपी पर लगाया देश विरोधी नारे लगवाने का आरोप। (PTI File Photo)

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने नोटबंदी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का ‘षड्यंत्र’ करार देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाया था और अब उसे ही उन्हें इस जनविरोधी कदम के लिये सबक सिखाना होगा। केजरीवाल ने यहां आयोजित एक जनसभा में मोदी पर बैंकों से करीब आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेने वाले बड़े-बड़े उद्योगपतियों का ऋण माफ करने के लिये नोटबंदी का कुचक्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को लाइन में लगाकर उसकी गाढ़ी कमाई बैंकों में जमा कराने का मकसद, बैंकों की खराब हालत को ठीक करना है, ताकि विजय माल्या जैसे लोगों का कर्ज माफ किया जा सके।

उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर कर्ज वापस नहीं मिलने से बैंकों के कंगाल होने पर मोदी और शाह ने ‘नोटबंदी’ का षड्यंत्र रचा और सबसे पहले अपना, भाजपा नेताओं और करीबी उद्योगपतियों का धन ठिकाने लगवाया। इससे गरीब और आम तबका जहां बेहद परेशान हुआ है, वहीं भाजपा के लोगों और उनके करीबी उद्योगपतियों ने जमकर धन बटोरा है। वर्ष 2014 में भाजपा को 80 में से 73 सीटें जिताकर मोदी को प्रधानमंत्री बनाने वाले उत्तर प्रदेश के लोगों को अब नोटबंदी के षड्यंत्र के लिये उन्हें सबक भी सिखाना होगा। केजरीवाल ने कथित रूप से आयकर विभाग के कुछ दस्तावेज दिखाते हुए प्रधानमंत्री पर दो प्रमुख औद्योगिक घरानों से रिश्वत लेने के गम्भीर आरोप लगाये। उन्होंने 15 अक्तूबर 2013 और 22 नवम्बर 2013 को दो बड़े औद्योगिक घरानों के ठिकानों पर डाले गये आयकर विभाग के छापों का जिक्र करते हुए कहा कि विभाग के अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित रिपोर्ट में अलग-अलग तिथियों पर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी को कुल 40 करोड़ 10 लाख रुपये दिये जाने का जिक्र है।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मोदी अगर वाकई ईमानदार हैं तो उन्होंने इस मामले की जांच क्यों नहीं करायी। मोदी ने जांच कराने के बजाय इन मामलों को दबाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी गरीब जनता द्वारा बैंकों में जमा कराये जा रहे धन में से उद्योगपतियों का कर्ज माफ करने जा रहे हैं। क्या गारंटी है कि ऐसा करने के लिये उन्होंने रिश्वत नहीं ली होगी। केजरीवाल ने कहा कि मोदी ने नोटबंदी करके देश को पीछे कर दिया। नोटबंदी के बाद के एक महीने में जितना भ्रष्टाचार हुआ है, उतना पिछले एक साल में नहीं हुआ। मोदी द्वारा नोटबंदी का कदम खराब था, नीयत भी खराब थी और उसे खराब तरीके से लागू भी किया गया।

उन्होंने कहा कि मोदी नोटबंदी के कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ महायज्ञ और जंग बताते हैं लेकिन उन्होंने पूरी सूची मिलने के बावजूद विदेशी बैंकों में कालाधन जमा करने वाले एक भी भ्रष्टाचारी को जेल क्यों नहीं भेजा। अगर प्रधानमंत्री उनमें से दो-चार को भी जेल भेज दें तो देश से भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में महेश शाह नामक व्यक्ति ने 13 हजार करोड़ रुपये की बेनामी सम्पत्ति घोषित की और कहा कि वह धन उसका नहीं है और अगर आयकर विभाग पूछेगा तो वह उसके मालिक का नाम बता देंगे, लेकिन आयकर महकमा इस बारे में पूछ ही नहीं रहा है, क्योंकि वह धन ‘मोदी के दोस्त’ का है।

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