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सपा-बसपा ने दलितों का किया उत्पीड़न, उप्र के विकास के लिए भाजपा ही विकल्प: अमित शाह

अमित शाह ने कहा, 'राहुल गांधी दावा करते हैं कि वह दलितों के मसीहा हैं, लेकिन खुद राहुल के नाना ने संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को संसद नहीं जाने दिया था।'

Author लखनऊ | September 16, 2016 8:23 PM
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों में दलितों को पार्टी के पक्ष में करने की कवायद में शुक्रवार (16 सितंबर) को कांग्रेस, बसपा और सपा पर दलितों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार दलितों और गरीबों की सरकार है। शाह ने यहां कांशीराम स्मृति उपवन में मानवता सदभावना समारोह में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने दलितों के लिए काम किया है। ये गरीबों की सरकार है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दावा करते हैं कि वह दलितों के मसीहा हैं, लेकिन खुद राहुल के नाना ने संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को संसद नहीं जाने दिया था। समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने दलितों को प्रताड़ित किया, जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलितों का शोषण किया।

शाह ने कहा कि केवल भाजपा ही ऐसी पार्टी है जिसने अंबेडकर से जुड़े तमाम स्मारकों का निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को दलितों का समर्थन हासिल हुआ था। मोदी दलितों के आशीर्वाद से सत्ता में आए। शाह ने जन धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित केन्द्र सरकार की तमाम योजनाओं का भी उल्लेख किया। साथ ही विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की दो तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश का विकास करना है तो भाजपा ही एकमात्र विकल्प है।

समारोह में मौजूद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने मायावती पर हमला बोलते हुए कहा कि वह टिकट बेचने में लगी हुई हैं और जो भी आवाज उठाता है, उसे बाहर का दरवाजा दिखा दिया जाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खां द्वारा अंबेडकर के बारे में की गयी टिप्पणी को अपमानजनक बताया और मांग की कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आजम को तत्काल बर्खास्त करें। मानवता सदभावना समारोह का आयोजन जुगुल किशोर ने किया, जिन्हें बसपा से निष्कासित कर दिया गया था।

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