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यूपी में बंपर जीत के बाद दूसरी पार्टी के नेताओं के लिए बीजेपी ने बंद किए दरवाजे, 6 महीने तक नहीं मिलेगी एंट्री

जो हालिया विधानसभा चुनाव हारे हैं, उन नेताओं ने भी बीजेपी का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है।

UP Election result 2017, Pakistan media, Modi, PM, Amit shah, Hardcore Hindutva, Gujrat model, Big winअमित शाह ने सभी मंत्रियों के काम के आधार पर उनके नाम के आगे बने कॉलम में ‘पॉजिटिव’ और ‘निगेटिव’ रिमार्क्स की ग्रेडिंग दी थी।

भारतीय जनता पार्टी की उत्‍तर प्रदेश इकाई में जगह बनाने की सोच रहे दूसरी पार्टी के नेताओं को कम से कम अगले छह महीनों तक एंट्री नहीं मिलेगी। भाजपा के शीर्ष नेतृत्‍व ने राज्‍य इकाई को निर्देश दिए हैं कि वह अगले आदेश तक दूसरी पार्टी के नेताओं को पार्टी में शामिल होने से मना करे। राज्‍य इकाई ने यह बात स्‍थानीय और जिला इकाइयों तक पहुंचा दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दूसरे दलों के कई नेता भाजपा के राष्‍ट्रीय पदाधिकारियों से लेकर राज्‍य व जिला इकाई तक के लोगों से खुद को पार्टी में शामिल कराने की गुहार लगा रहे हैं, जिसके बाद बीजेपी ने यह फैसला किया। बीजेपी में शामिल होने की इच्‍छा रखने वाले ज्‍यादातर नेताओं में जिला पंचायतों के प्रमुख, ब्‍लॉक प्रमुख, नगर पंचायतों के मुखिया और नगर पालिका परिषदों के अध्‍यक्ष हैं। इसके अलावा जो हालिया विधानसभा चुनाव हारे हैं, उन नेताओं ने भी बीजेपी का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है।

भाजपा के राज्‍य प्रवक्‍ता चंद्र मोहन ने कहा, ”पार्टी ने तय किया है कि दूसरे दलों के नेताओं को अगले आदेश तक बीजेपी में एंट्री नहीं दी जाएगी।” उन्‍होंने कहा कि एक आम इंसान पार्टी की सदस्‍यता के लिए पार्टी के टोल-फ्री नंबर पर मिसकॉल दे सकता है मगर दूसरी पार्टी के पदाधिकारियों को बीजेपी में एंट्री नहीं दी जाएगी। एक वरिष्‍ठ भाजपा नेता ने द इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया कि 11 मार्च को विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड जीत दर्ज करने के बाद, दूसरी पार्टियों के कई नेता भाजपा संगठन के पदाधिकारियों से सत्‍ताधारी पार्टी में शामिल होने की इच्‍छा जता रहे हैं। उन्‍होंने कहा, ”वे अवसरवादी नेता हैं जो सत्‍ताधारी पार्टी का लुत्‍फ उठाना चाहते हैं।”

पार्टी के एक अन्‍य नेता ने कहा कि ज्‍यादातर नेता वे हैं जो जून-जुलाई में होने वाले स्‍थानीय निकायों के चुनाव में खड़े होना चाहते हैं। भाजपा नेता ने कहा, ”भाजपा 2012 में ज्यादातर नगर निगमों में जीती थी, मगर जो लोग तब सपा, बसपा, कांग्रेस जैसी दूसरी पार्टियों के समर्थन से लड़े, वे अब अगला चुनाव भाजपा के समर्थन से लड़ना चाहते हैं, इसलिए पार्टी में शामिल होना चाह रहे हैं।”

उन्‍होंने आगे कहा कि दूसरे दलों की भाजपा में एंट्री शहरी निकायों के चुनाव के बाद शुरू की जा सकती है। नेता ने कहा, ”अगर हम विपक्षी पार्टियों के नेताओं को एंट्री देंगे तो जनता में गलत संदेश जाएगा क्‍योंकि उन्‍होंने उन (विपक्ष) के खिलाफ बीजेपी को ताकत देने के लिए वोट किया है। दूसरे, इससे बीजेपी कॉडर का वर्कर हतोत्‍साहित हो जाएगा।”

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