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यूपी पुलिस के पास पहुंच बोली तीन साल की बच्‍ची- मां स्‍कूल नहीं भेजतींं, घास पर सुलाती हैं

फलक से जब पूछा गया कि वह बड़े होकर क्या बनना चाहती है तो फलक ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती है। "पुलिस अंकल बहुत अच्छे हैं। मैं आज स्कूल गई थी। मैं स्कूल छोड़ना नहीं चाहती हूं क्योंकि मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं।"

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

तीन साल की एक लड़की अपनी मां के खिलाफ स्कूल न भेजने, घास के बिस्तर पर सुलाने और  ढंग से देखभाल नहीं करने की शिकायत दर्ज कराने के लिए अकेले ही पुलिस चौकी पर पहुंच गई। संत कबीरनगर की पचपोखरी पुलिस चौकी के सब-इंस्पेक्टर बिना किसी डर के बच्चे के पुलिस से संपर्क करने को लेकर रोमांचित हुए, वह बच्ची के साथ उसके घर गए और बच्ची की मां से मुलाकात की और लड़की की शिकायतों का समाधान किया। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक फलक, मकसूद खान उर्फ ​​’रंग’ की बेटी है। मकसूद मुंबई में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। सोमवार 17 दिसंबर की शाम को 3 साल की फलक किसी तरह से अपने घर से 300 मीटर दूर एक पुलिस चौकी पहुंची।

सब इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा कि “ग्रामीणों ने मुझे बताया कि लड़की ने उनसे पूछा था कि ‘पुलिस घर कहां है’ और दिशा-निर्देश मांगने के लिए हमारे पास आई। मैं अकेले पुलिस चौकी में बच्ची के प्रवेश करने को लेकर खुश था क्योंकि बच्चे आमतौर पर पुलिस से डरते हैं। छोटी बच्ची ने मुझे, अपनी मां असमा खान द्वारा स्कूल न भेजे जाने, घास के बिस्तर पर सुलाने और उसके सात महीने के भाई पर ज्यादा ध्यान देने के बारे में बताया। मैं अपने जीवन की सबसे छोटी शिकायतकर्ता को देखकर आश्चर्यचकित था, और उसके साथ उसके घर गया। मैंने उसकी मां से बच्चे को स्कूल भेजने और उस पर बराबर ध्यान देने के लिए कहा।

उसकी मां ने मुझसे वादा किया कि वह अब फलक को स्कूल भेजेंगी। उन्होंने कहा कि उनके पास सात महीने का बच्चा है इसलिए वह फलक पर उतना ध्यान नहीं दे पा रही हैं जितना कि उन्हें देना चाहिए।” फलक से जब पूछा गया कि वह बड़े होकर क्या बनना चाहती है तो फलक ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती है। “पुलिस अंकल बहुत अच्छे हैं। मैं आज स्कूल गई थी। मैं स्कूल छोड़ना नहीं चाहती हूं क्योंकि मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं।”

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