इलाज कराने अस्‍पताल गए थे योगी कैबिनेट के मंत्री, गार्ड ने 5 करोड़ की मशीन खराब कर डाली - Lucknow yogi adityanath government minister: guard carries gun during MRI scan - Jansatta
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इलाज कराने अस्‍पताल गए थे योगी कैबिनेट के मंत्री, गार्ड ने 5 करोड़ की मशीन खराब कर डाली

योगी सरकार में मंत्री सत्यदेव पचौरी बीते शुक्रवार (2 जून, 2017) को करीब एक बजे हॉस्पिटल पहुंचे थे। चक्कर आने की समस्या के बाद उन्हें डॉक्टरों ने एमआरआई कराने की सलाह दी थी।

मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल प्रशंसा कार्यक्रम में भाषण देते हुए मंत्री सत्यदेव पचैरीर बेहोश हो गए थे। (फोटो सोर्स एएनआई)

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सरकार में मंत्री सत्यदेव पचौरी इन दिनों एक घटना की वजह से चर्चा में बने हुए हैं। सूबे के हरदोई में मोदी सरकार के तीन साल कार्यकाल की प्रशंसा कार्यक्रम में भाषण देते हुए मंत्री सत्यदेव पचौरी बेहोश हो गए थे जिन्हें बाद में लखनऊ के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया। जहां उनके इलाज के दौरान पांच करोड़ की एमआरआई मशीन खराब हो गई। दरअसल इलाज कराने गए ग्रामोद्योग मंत्री पचौरी के सुरक्षा गार्ड हॉस्पिटल प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हुए एमआरआई रूम में जा घुसे जहां मैग्नेटिक फील्ड के दायरे में आते ही उनकी कमर में लगी बंदूक मशीन से चिपक गई। मंत्री जी ने जैसे ही इसकी आवाज सुनी तुरंत रूम से बाहर आ गए। मशीन की कीमत पांच करोड़ रुपए बताई जा रही है जिसे ठीक करने में 25 लाख रुपए तक का खर्च आ सकता है। खबर के अनुसार अगले सात दिनों तक मशीन से किसी मरीज की जांच भी नहीं की जा सकेगी।

खबरों के अनुसार योगी सरकार में मंत्री सत्यदेव पचौरी बीते शुक्रवार (2 जून, 2017) को करीब एक बजे हॉस्पिटल पहुंचे थे। चक्कर आने की समस्या के बाद उन्हें डॉक्टरों ने एमआरआई कराने की सलाह दी थी। इस दौरान लाइन में बैठे मरीजों को छोड़कर मंत्री को एमआरआई रूम में ले जाया गया। इसी बीच पचौरी का गार्ड भी रूम में अंदर आने लगा। हालांकि इस दौरान कर्मचारी उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन गार्ड मंत्री का हवाला देकर रूम में आ गया। तब मैग्नेट फील्ड के दायरे में आते ही गार्ड की कमर में लगी बंदूक को मशीन ने इतनी तेजी से खींचा कि वो कमर से निकल कर मशीन में जा चिपकी। तब मंत्री सत्यदेव पचौरी काफी घबरा गए और एमआरआई जांच छोड़कर रूप से तुंरत बाहर आ गए।
हालांकि अब एमआरआई मशीन से बंदूक निकालने के लिए उसकी मैग्नेटिक फील्ड डिफ्यूज करनी पड़ेगी। बता दें कि ऐसा इसलिए है क्योंकि मशीन में पोलेराइज्ड मैग्नेटिक फील्ड बनी रहती है। इसके बाद उसमें करीब 25 लीटर से अधिक हीलियम गैस को भी दोबारा निकालकर भरना पड़ेगा जिसमें लाखों का खर्च आने का अनुमान है। मशीन ठीक होने में करीब सात दिन लगेंगे। वहीं रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष व संस्थान प्रशासन ने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।

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