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लोकसभा चुनाव: आजम खान के ‘अपने’ घनश्‍याम लोधी ने आसिम राजा को 40 हजार से ज्‍यादा वोटों से हरा रामपुर में फहरा दिया भगवा

2016 के एमएलसी चुनाव में आजम खान ने सपा की ओर से घोषित प्रत्याशी का टिकट कटवाकर घनश्याम लोधी को टिकट दिलवाया था।

लोकसभा चुनाव: आजम खान के ‘अपने’ घनश्‍याम लोधी ने आसिम राजा को 40 हजार से ज्‍यादा वोटों से हरा रामपुर में फहरा दिया भगवा
आजम खान और घनश्याम लोधी (फोटो सोर्स: pti file photo/ सोशल मीडिया)

देशभर की 3 लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। पंजाब के संगरूर में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार की हार हुई है। तो वहीं उत्तर प्रदेश के रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत हुई है। इसके पहले इन दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी जीतती आ रही थी। लेकिन बीजेपी ने सपा की जीत पर ब्रेक लगाकर भगवा लहरा दिया है। रामपुर में कभी आजम खान के करीबी रहे घनश्याम योगी ने बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की है।

बीजेपी प्रत्याशी घनश्याम लोधी ने सपा के उम्मीदवार और आजम खान के करीबी आसिम रजा को 42 हजार से अधिक वोटों से हराया है। ऐसा माना जा रहा कि यह सिर्फ समाजवादी पार्टी की हार नहीं है बल्कि यह आजम खान की भी हार है। ऐसा इसलिए क्योंकि आजम खान ने ही आसिम रजा के लिए चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि रामपुर वालों मेरी नाक मत कटवा देना। आजम खान के कहने के बाद समाजवादी पार्टी ने आसिम रजा को टिकट दिया था।

आजम खान ने आसिम रजा के लिए कई नुक्कड़ सभाएं की और लोगों से वोट की अपील की। आजम खान ने वोटों की गिनती से पहले गड़बड़ी की आशंका जताई थी। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन जनसभा को संबोधित करते हुए आजम खान ने कहा था कि टाइगर इज बैक। उन्होंने दावा किया था कि रामपुर से आसिम रजा चुनाव जीतेंगे।

कभी थे आजम खान के करीबी: घनश्याम लोधी कभी आजम खान के काफी करीबी माने जाते थे। आजम खान के इतने करीबी थे कि जब 2016 में एमएलसी चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने रामपुर से प्रत्याशी घोषित कर दिया था, उसके बावजूद आजम खान ने घोषित प्रत्याशी का टिकट कटवा कर घनश्याम लोधी को टिकट दिलवाया था। उनका सिंबल हेलीकॉप्टर से मंगवाया गया था। बाद में लोधी चुनाव जीतकर विधान परिषद पहुंचे थे। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़ बीजेपी ज्वाइन कर ली थी।

आजमगढ़ में अखिलेश यादव के इस्तीफे के कारण लोकसभा सीट खाली हुई थी और वहां भी समाजवादी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। बीजेपी प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ ने सपा के धर्मेंद्र यादव को हरा दिया। बता दें कि दोनों ही सीटों पर अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार नहीं किया था। जबकि बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई कैबिनेट मंत्रियों ने प्रचार किया था।

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