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डिबेट में सपा प्रवक्ता के आरोपों से तिलमिलाए संबित पात्रा, दी धमकी- किसी को नहीं बोलने दूंगा

समाजवादी प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने यूपी के मुख्यमंत्री पर सीधे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह योगी सरकार की नाकामी है, सरकार को चाहिए कि दलितों के हितों की रक्षा करे और लोगों को हिन्दू-मुस्लिम के झगड़े में न उलझाए।

समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ। (फोटो-फेसबुक)

उत्तर प्रदेश के अमरोहा के दलित मोहल्ले गौतम नगर का नाम बदलकर दबंग बदमाशों ने इस्लाम नगर कर दिया है। जब दलितों ने इसका विरोध किया तो दबंगों ने उन्हें ऐस कदर धमकाया कि वे लोग खौफ के साए में जीने लगे हैं। प्रशासन की उदासीनता की वजह से इलाके के दलितों में डर का माहौल है। मंगलवार (06 फरवरी) को इस घटना की चर्चा अमरोहा से लेकर लखनऊ और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक होती रही। मीडिया में भी इस बात की चर्चा दिन भर होती रही कि यूपी को आखिर क्या हो गया? कभी हिन्दू-मुसलमान तो कभा मुस्लिम-दलित के बीच टकराव बढ़ता ही जा रहा है। न्यूज 18 इंडिया के शो हम तो पूछेंगे में एंकर और होस्ट सुमित अवस्था ने इसी मुद्दे पर चर्चा की कि दलित क्यों दहशत में हैं और कहां गया योगी प्रशासन? शासन-प्रशासन ऐसी घटनाओं पर मौन क्यों धारण कर लेता है?

चर्चा की शुरुआत करते हुए एंकर सुमित अवस्थी ने पूछा कि किसी खास इलाके में एक धर्म या जाति के लोगों की आबादी ज्यादा हो जाएगी तो क्या वो दूसरों को रहने नहीं देंगे? इस पर मुस्लिम स्कॉलर रिजवान अहमद ने इसके लिए सियासत को जिम्मेदार ठहराया है। चर्चा में भाग लेते हुए समाजवादी प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह योगी सरकार की नाकामी है, सरकार को चाहिए कि दलितों के हितों की रक्षा करे और लोगों को हिन्दू-मुस्लिम के झगड़े में न उलझाए। पंखुड़ी ने कहा कि इनकी सियासी सुविधा है कि हिन्दू-मुस्लिम आपस में लड़ें। इस पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ऐतराज जताते हुए कहा कि आप उस पार्टी की प्रवक्ता हैं जिसके नेता खुद को मुल्ला मुलायम कहवाना पसंद करते हैं। इस पर पंखुड़ी ने ऐतराज जताया और कहा कि आपके लोग रामजादे-हरामजादे कहते हैं। आपके लोग दंगा कराते हैं तो संबित पात्रा उखड़ गए और एंकर को धमकी दे डाली कि अब डिबेट होने नहीं दूंगा, किसी को बोलने नहीं दूंगा।

बता दें कि अमरोहा के गौतमनगर के कस्बा नौगांवा सादात में एक दुकान पर लगे साइन बोर्ड के कारण इस मामले ने तूल पकड़ा है। हालांकि, कासगंज हिंसा से सीख लेते हुए पुलिस प्रशान ने मामले पर हंगामा होता देख 25 लोगों के खिलाफ धारा 107/116 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की है और इलाके में अधिकारी कैम्प कर रहे हैं।

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