ताज़ा खबर
 

26 साल पुराने मर्डर केस में पूर्व मंत्री और भाजपा नेता समेत पांच को उम्रकैद, एमपी-एमएलए कोर्ट ने दी सजा

30 जून 1995 को सूर्य प्रकाश यादव की चुनावी रंजिश के चलते हत्या करने के आरोप में तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख जंग बहादुर सिंह, उनके बेटे दद्दन सिंह एवं भांजे रमेश सिंह, समर बहादुर सिंह व हर्ष बहादुर सिंह के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।

Edited By Sanjay Dubey सुल्तानपुर | Updated: July 22, 2021 10:53 PM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)।

सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने गुरुवार को हत्या के 26 साल पुराने एक मामले में दर्जा प्राप्‍त पूर्व मंत्री समेत पांच लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। शासकीय अधिवक्ता अतुल शुक्ला ने बताया कि पूर्व मंत्री व भाजपा नेता जंग बहादुर सिंह समेत अन्य आरोपियों को एमपी-एमएलए अदालत के न्यायाधीश पीके जयंत ने सूर्य प्रकाश यादव की हत्या का दोषी करार देते हुए यह सजा सुनायी।

मामला अमेठी जिले के जामो थाना क्षेत्र के पूरब गौरा गांव का है। स्थानीय निवासी राम उजागिर यादव ने 30 जून 1995 को अपने भाई सूर्य प्रकाश यादव की चुनावी रंजिश के चलते हत्या करने के आरोप में तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख जंग बहादुर सिंह, उनके बेटे दद्दन सिंह एवं भांजे रमेश सिंह, समर बहादुर सिंह व हर्ष बहादुर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य भंडारण निगम के पूर्व अध्यक्ष जंग बहादुर सिंह (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) समेत अन्य दोषियों को सजा सुनाई।

मालूम हो कि एक हत्यारोपी दद्दन सिंह की कुछ साल पहले हत्या हो चुकी है, वहीं पूर्व मंत्री समेत शेष आरोपियों के खिलाफ विशेष एमपी-एमएलए अदालत में मामले के साक्ष्य सहित विचारण की अन्य कार्यवाही पिछली तारीखों में पूरी हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष के निजी अधिवक्ता रविवंश सिंह व शासकीय अधिवक्ता ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की।

उधर, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी उपकारागार में एक कैदी की हिरासत में हुई मौत के मामले में गुरुवार को सीबीआई जांच के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने मामले से निपटने में कथित लापरवाही के लिए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और हल्द्वानी के सर्किल अधिकारी के स्थानांतरण के भी आदेश दिए। मृतक कैदी की पत्नी भारती द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी ने उक्त आदेश दिए।

न्यायमूर्ति मैठाणी ने कहा कि जांच में दखलंदाजी रोकने के लिए भी अधिकारियों का स्थानांतरण आवश्यक है। एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, दुव्यर्वहार और मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार उधमसिंह नगर जिले के कुंडेश्वरी काशीपुर निवासी प्रवेश कुमार दयाल की इस साल मार्च में संदिग्ध परिस्थितियों में हल्द्वानी उप कारागार में मौत हो गयी थी।

Next Stories
1 ‘वायनाड में जा छुपे लफंगों के सर्किट टाइप चेले’, योगी पर तंज कसने वाले इस नेता पर भड़के सीएम के मीडिया सलाहकार
2 फेसबुक पोस्ट में स्मृति ईरानी पर किया अभद्र कमेंट तो प्रोफेसर को खानी पड़ी जेल की हवा
3 यूपीः कद्दू की सब्जी देने पर कैदियों ने काटा बवाल, पथराव होने पर पुलिस ने छोड़ी टीयर गैस
ये पढ़ा क्या?
X