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दो साल के बाद हो रही कांवड़ यात्रा, प्रशासन के लिए चुनौती

इस बार कावड़ियों को नियंत्रित करना उत्तराखंड शासन-प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।

कांवड़ यात्रा। सांकेतिक फोटो।

उत्तराखंड सरकार ने सावन मास के अवसर पर 14 जुलाई से शुरू होने वाली 15 दिवसीय कावड़ यात्रा की जोरदार तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार कावड़ यात्रा दो साल बाद शुरू होगी क्योंकि कोरोना महामारी के कारण दो साल तक कावड़ यात्रा पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार ने पाबंदी लगा दी थी। परंतु इस बार दोनों राज्यों की सरकारों ने यात्रा शुरू करने की अनुमति दे दी है।

इस बार कावड़ यात्रा उत्तराखंड सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। कावड़ियों को नियंत्रित करना उत्तराखंड शासन-प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। 14 जुलाई से सावन मास शुरू होगा और कावड़ यात्रा 26 जुलाई को समाप्त होगी। मासिक शिव रात्रि 26 जुलाई को है। उस दिन कावड़िए अपने अपने गांवों, कस्बों और शहरों में स्थित शिवालयों में गंगाजल चढ़ाएंगे।

गंगोत्री और हरिद्वार से कावड़िए गंगा जल लेकर पैदल अपने गांव ,कस्बों और शहरों की ओर जाएंगे। मीलों लंबी यह पैदल कांवड़ यात्रा अपने आप में अनोखी गंगाजल की यात्रा है। कावड़िए अपनी कावड़ में गंगा का जल भरकर हरिद्वार और गंगोत्री से पैदल अपने गंतव्य की ओर जाते हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि दो साल बाद कावड़ यात्रा को फिर से खोला गया है।

इसीलिए कावड़ियों की बहुत ज्यादा तादाद में आने की संभावना है। जिस तरह से चार धाम यात्रा पर इस बार गर्मियों में 25 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री आए, उसी तरह इस बार कावड़ यात्रा में भी कावड़ियों की तादाद बहुत अधिक होने की संभावना है। इसके मद्देनजर चाक-चौबंद व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। साथ ही बरसात के मौसम को देखते हुए तीर्थयात्रियों को चार धाम जाने के लिए सतर्कता बरतने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि पुलिस प्रशासन समय-समय पर कावड़ यात्रा की समीक्षा करने के लिए विभिन्न राज्यों के शासन , प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की बैठक करेगा। उन्होंने बताया कि पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन ,सुपर जोन और सेक्टरों में बांटा जाएगा और असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण रखने के लिए खुफिया एजंसी, विभिन्न केंद्रीय बल, बम निरोधक दस्ते, डाग स्क्वायड तथा अन्य सुरक्षा बल के अलावा पीएसी तथा उत्तराखंड की नागरिक पुलिस तैनात की जाएगी। हर जोन, सुपर जोन और सेक्टरों में पुलिस व प्रशासन के उच्च अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज का कहना है कि साधु संतों ने कांवरियों से अपील की है कि वे तीर्थ नगरी हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग करें और गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए गंगा में गंदगी ना डालें।

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