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सैफुल्लाह की मौत पर उलेमा काउंसिल ने उठाया सवाल, कहा- ‘इस एनकाउंटर में शामिल पुलिस वालों की वर्दी सहित खाल खिंचवा लूंगा’

सैफुल्लाह की मौत पर उसके पिता सरताज और भाई दानिश तो सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन उलेमा काउंसिल ने मुठभेड़ को फर्जी करार दिया।
Author कानपुर | March 11, 2017 00:06 am

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में संदिग्ध आतंकवादी सैफुल्लाह के एटीएस से हुई मुठभेड़ में मारे जाने पर उलेमा काउंसिल ने सवाल खड़े किए हैं। सैफुल्लाह की मौत पर उसके पिता सरताज और भाई दानिश तो सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन उलेमा काउंसिल ने मुठभेड़ को फर्जी करार दिया। उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी कानपुर पहुंचे। उन्होंने कहा, “सैफुल्लाह का एनकांउटर फर्जी है। आतंकी सैफुल्लाह नहीं, आतंकी सरकार है। पुलिस वालों ने सैफुल्लाह को घर के अंदर बंधक बना रखा था।”

मौलाना मदनी शुक्रवार को सैफुल्लाह और आतिफ के घर पहुंचे और उनके परिजनों से अलग-अलग बातचीत की। वह इमरान के घर पर भी गए, लेकिन वहां ताला लगा था। इन मुलाकातों के बाद मौलाना मदनी ने मीडिया से कहा कि सैफुल्लाह को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया है। वह आतंकी नहीं था।
उन्होंने कहा, “फर्जी एनकाउंटर का मास्टरमाइंड एडीजी हैं, जो हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वह आरएसएस और भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।”

मदनी ने कहा, “पूरे मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जावीद अहमद का कोई बयान नहीं आना अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है।” उन्होंने मांग की कि इस मुठभेड़ की सच्चाई सामने लाने के लिए मुठभेड़ के समय मौजूद पुलिसकर्मियों और एटीएस कर्मियों का नार्को टेस्ट कराया जाए। इससे पहले, रिहाई मंच भी मुठभेड़ पर सवाल उठा चुका है। उसने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

देखिए लखनऊ में हुए आतंकी एनकाउंटर का वीडियो

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  1. Shambhu kumar
    Mar 11, 2017 at 5:22 am
    सरकार को आतंकियों को मारने के बजाए इन उलेमाओं को फांसी पे लटकाना चाइये क्योंके असली आतंकी के जन्मदाता यही लोग हैं
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    Reply
    1. D
      d d
      Mar 11, 2017 at 6:26 am
      आमिर रसादि मैदानी को भी लपेट दिया जाय फिर कोई ऐसे गलत लोगो को सपोर्ट नहीं करेगा. ये तो क्लियर देश द्रोही लगता हे . हिम्मत तो देखो पुलिस वालो की खाल खिचवाएगा . जो भी गलत आदमी को सपोर्ट करे चाहे किसी मजहब का हो उसके साथ भी इस ही होना चाहिए . देश पहले हे वाकी सब बाद में.
      (1)(0)
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      1. D
        d d
        Mar 11, 2017 at 6:15 am
        बिलकुल ी कहा आपने
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        Reply
        1. Rahul Gadewal
          Mar 11, 2017 at 9:56 am
          Teri ma ka me hu police wala aa khicwa khal teri ma ku choot tere ko bhi marenge ese hi
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          1. s
            satya_Kanpur
            Mar 11, 2017 at 8:16 am
            एडमिनिस्ट्रेशन से लड़ने का ठेका इन्ही के पास है,फिलहाल अगर एहि स्टेटमेंट कोई हिन्दू देता , तो वह बहुसंख्यक अब तक कस्टडी में होता
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