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कानपुर: मुहर्रम जुलूस के दौरान बवाल, फायरिंग के बाद स्थिति तनावपूर्ण

ताजिया के जुलूस के दौरान एक पक्ष को कथित तौर पर जो रूट अलॉट किया गया था, उसपर न जाकर दूसरे रूट पर जाने से दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद हिंसा और आगजनी हुई।

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शहर कानपुर में मुहर्रम के जुलूस को लेकर बवाल हुआ है। रूट बदलने की वजह से हुए विवाद के बाद आगजनी और फायरिंग की घटनाएं घटी हैं। प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल भेजे हैं। इस हिंसा, झड़प, आगजनी और फायरिंग में 5 लोग घायल हुए हैं। मुहर्रम के जुलूस को लेकर ये बवाल कानपुर के जूही और कल्याणपुर थानाक्षेत्र में हुआ है। वारदात और मौके की संगीनी को देखते हुए प्रशासन बेहद चौकन्ना है और त्वरित फैसले किए गए हैं। हालात पर काबू पाने के लिए डीजीपी मुख्यालय से अतिरिक्त फ़ोर्स भेजी गई। इसके तहत पीएसी और आरआरएफ की एक-एक कंपनी कानपुर भेजी गई है।

 

ताजिया के जुलूस के दौरान एक पक्ष को कथित तौर पर जो रूट अलॉट किया गया था, उसपर न जाकर दूसरे रूट पर जाने से दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद हिंसा और आगजनी हुई। फिलहाल हालात तनावपूर्ण हैं।

पश्चिम बंगाल में हजारों मुसलमानों ने ढोल बजाते और छाती पीटते हुए रविवार को विशाल जुलूस निकाले। ये जुलूस इराक में 680 ईसवी में मुहर्रम के इस्लामी महीने के 10वें दिन हुई पैगंबर मोहम्मद के पोते इमाम हुसैन की शहादत का मातम मनाने के लिए निकाले जाते हैं। हजारों मुसलमानों ने यहां यौम-ए-आशुरा नामक दिन को मनाने के लिए यहां विभिन्न जगहों पर जुलूस निकाले। यह इस्लामिक कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण दिन है। मुहर्रम को मातम का एक दिन माना जाता है और इस दिन मुसलमान स्वैच्छिक उपवास करते हैं, दान करते हैं और हुसैन की याद में प्रार्थना करते हैं। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुहर्रम, विजयदशमी या दशहरा के बाद पड़ा है।

कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “इस जुलूस पर निगरानी रखने के लिए 7,000 से 8,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।” पुलिस के अनुसार, ये जुलूस शहर के विभिन्न भागों में सुबह नौ बजे से शुरू होकर सोमवार सुबह तक जारी रहेंगे। कोलकाता पुलिस नियंत्रण कक्ष के अधिकारी ने कहा, “जुलूस के दौरान राजकुमार अनवर शाह रोड, बेलियाघाटा मेन रोड सहित कई सड़कों पर यातायात का रास्ता बदल दिया गया।”

उन्होंने आगे कहा, “स्थिति शांतिपूर्ण है और कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।” पश्चिम बंगाल सरकार ने शुरू में दोनों समुदायों के बीच किसी भी प्रकार की अशांति से बचने के लिए मुहर्रम के दिन दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे।

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  1. L
    Lokesh Pal
    Oct 1, 2017 at 9:53 pm
    बहुत ही शर्मनाक घटना है। इस तरह की घटनाएं करने वाले लोग तो कम से धार्मिक हो ही नहीं सकते। क्योंकि किसी भी धर्म में हिंसा को कोई स्थान नहीं है। ये लोग इंसानियत के दुश्मन हैं।
    (2)(0)
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