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शहीद कैप्टन आयुष यादव के घर पहुंच नाराज हुए अखिलेश यादव, बोले- कर्नल मुझसे बड़े हैं क्या?

शुक्रवार प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शहीद कैप्टन के परिवार को सांत्वना देने कानपुर उनके घर पहुंचे।
शहीद कैप्टन आयुष यादव के घर पर अखिलेश यादव।

गुरुवार 27 अप्रैल को श्रीनगर के कुपवाड़ा में हुए आतंकी हमले में यूपी के कैप्टन आयुष यादव देश के लिए शहीद हो गए। शुक्रवार प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शहीद कैप्टन के परिवार को सांत्वना देने कानपुर उनके घर पहुंचे। परिजनों से मिलकर लोटने के बाद अब अखिलेश को परिवार और पड़ोसियों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। पड़ोसियों और परिवार वालों का कहना है कि अगर अखिलेश यादव को शहीद के सम्मान में अपनी मौजूदगी दर्ज करानी थी तो अकेले आते, अपने साथ इतनी ज्यादा भीड़ क्यों ले आए। दरअसल कानपुर में अपे नेता के होने की खबर ने वहां के समाजवादियों को उनसे मिलने के लिए बेचैन कर दिया। इस बेचैनी ने शहीद कैप्टन आयुष यादव के घर के बाहर भारी भीड़ इकट्ठा कर दी। इस भीड़ से कैप्टन के घरवाले और पड़ोसी काफी परेशान दिखे।

शुक्रवार को लालबंग्ला स्थित डिफेंस कॉलोनी में जब अखिलेश यादव शहीद कैप्टन के घर पहुंचे तो उनका स्वागत आयुष यादव के चाचा ने किया। पूर्व सीएम को नीचे बरामदे में बिठाया गया। जब थोड़ी देर हो गई तो अखिलेश यादव ने पूछा कि कैप्टन के माता पिता कहां हैं। उन्हें बताया गया कि माता पिता ऊपर के कमरे में शहीद के कर्नल के साथ बैठे हैं बस थोड़ी देर में आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इतना सुनते ही अखिलेश यादव थोड़े से गुस्सा गए और कहा कि कर्नल मुझसे ज्यादा बड़े हैं क्या औऱ सीधे ऊपर कमरे में चले गए।

बताया ये भी जा रहा है कि इस तरह से अखिलेश के सीधे कमरे में पहुंच जाने से शहीद आयुष यादव के माता पिता भी थोड़े असहज हो गए। अखिलेश यादव के इस दौरे ने जहां परिजनों को थोड़ा परेशानी में डाला वहीं उनके समर्थकों की भीड़ से आसपास के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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  1. Sanjay Kumar
    May 2, 2017 at 8:36 pm
    tab tum kaha rahte ho jab up me rape loot murder hota hai,ssb ke ghar me gunde ghuske officer ki wife aur bachche ko dhamkate hai..tab tum kyu nahi likhte jab police ki pitai hoti hai..dalali karna band karo yaar.
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    Reply
    1. Sanjay Kumar
      May 2, 2017 at 8:34 pm
      this is why indian media is loosing its credibility. yahi karan hai ki 180 me 187wa rank aaya tulog ka.
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      Reply
      1. Sanjay Kumar
        May 2, 2017 at 8:33 pm
        jansatta,how much money did you take from bjp rss and your boss modi to write and circulate this false propa a.
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        1. ABHISHEK SINGH
          May 1, 2017 at 6:46 pm
          R i jal gyi, lekin bal nahi a.
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          1. Sidheswar Misra
            May 1, 2017 at 2:44 pm
            पत्रकारिता चाटुकारिता में क्या अंतर होता है ? उत्तर की प्रतिच्छा में जनता
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