ताज़ा खबर
 

जनसत्ता विशेष: देश में मिसाल बनेगा ओडीएफ बना जिला इटावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले साल 15 अगस्त को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित होने के बाद इटावा जिले की अहमियत बहुत ही ज्यादा हो चली है। सारे देश मे इटावा ऐसा जिला है जिसको ओडीएफ योजना में आइएसओ प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है।

Author इटावा | Updated: January 9, 2019 5:24 AM
प्रतीकात्मक फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले साल 15 अगस्त को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित होने के बाद इटावा जिले की अहमियत बहुत ही ज्यादा हो चली है। सारे देश मे इटावा ऐसा जिला है जिसको ओडीएफ योजना में आइएसओ प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है। पिछले साल 8 अक्तूबर को लखनऊ मे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह अवार्ड डीएम सेल्वा कुमारी जे को प्रदान किया। इटावा को ओडीएफ योजना में शामिल कराने के लिए काफी काम किया गया। बेसलाइन 2012 के आधार पर अब तक जिले में 153215 शौचालय बनवाए जा चुके हैं। लक्ष्य को हासिल करने के लिए करीब 190 करोड़ रुपए शौचालय बनवाने पर खर्च किए गए। दरअसल, खर्च का यह आधार बेसलाइन सर्वे का वह आंकड़ा है, जिसके तहत करीब एक लाख 58 हजार शौचालय बनवाए गए हैं। इसमें लाभार्थी को निर्धारित 12 हजार रुपए बतौर अनुदान उपलब्ध कराए गए हैं।

ओडीएफ को लेकर शासन की गंभीरता को देखते हुए जिले के अधिकारी भी काफी दबाव में रहे। खास कर जिला पंचायतराज विभाग में बीते करीब एक साल से शौचालयों का निर्माण कार्य ही सबसे अहम रहा है। इसकी निगरानी डीएम के हाथों में रही। ग्राम पंचायत स्तर पर बनने वाले शौचालयों को अपडेट करने के लिए कलेक्ट्रेट के राजस्व अतिथि गृह में ओडीएफ बार रूम भी खोला गया। यहीं से हर रोज शौचालय से जुड़े आंकड़े ऑनलाइन किए जाते रहे। ओडीएफ के तहत जिले के सभी 685 राजस्व गांव खुले में शौच मुक्त घोषित किए गए हैं। इन गांवों में 2011 की आर्थिक व सामाजिक गणना पर बनी बेसलाइन सर्वे सूची के आधार पर शौचालय बनवाए गए हैं। जिले में कुल 2 लाख 45 हजार 681 परिवार हैं। इनमें से इस सर्वे सूची में कुल एक लाख 70 हजार 600 परिवारों को शौचालय विहीन दिखाया गया।

इटावा में ओडीएफ जन आंदोलन बन गया है, जिसके कारण इस कार्य में इतनी सफलता मिल पाई है। अब इसे यथावत रखने की जिम्मेदारी स्वच्छता प्रहरियों के अलावा अन्य प्रतिनिधियों की है क्योंकि योजना को अमलीजामा पहनाने में काफी समय लगता है। लिहाजा, स्वच्छता प्रहरियों को सजग रहने की जरूरत है।
-परमेश्वरन अय्यर, सचिव, केंद्रीय पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय

स्वच्छ भारत मिशन के तहत इटावा को ओडीएफ करने की प्रकिया को केवल नंबर एक रहने के लक्ष्य के तौर पर देखा गया तभी तो समय से पूर्व पहली पायदान पर यह योजना पहुंची। पहली पायदान पर आने के बाद खुशी का जो एहसास हुआ वह ओडीएफ मॉडल जिले की श्रेणी मे शुमार होने पर दोगुना हो गया है ।
-सेल्वा कुमारी जे, जिलाधिकारी, इटावा

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 यूपी: दूध पीकर रात में सोया था परिवार, सुबह तक 5 लोगों की हो गई मौत
2 यूपी: मंदिर में भाजपा विधायक का कार्यक्रम, फूड पैकेट में बांटी शराब की बोतलें, बच्चों को भी दीं
3 जूते पर धार्मिक टिप्‍पणी लिख बेचने पर मेरठ-मुजफ्फरनगर में हंगामा, मीट की दुकान बंद कराने की कोशिश