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उत्तर प्रदेश : हवा नहीं दूध की धुली

प्रदेश के पांच जिले ऐसे हैं, जहां रहना तो दूर, सांस लेना भी मुश्किल पैदा करता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर। (ANI Photo)

प्रदूषण से उत्तर प्रदेश का दम फूल रहा है। मंगलवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक से पता चलता है कि प्रदेश के पांच जिले ऐसे हैं, जहां रहना तो दूर, सांस लेना भी मुश्किल पैदा करता है। बुधवार सुबह से लखनऊ समेत आसपास के जिले धुंध और धुएं से घिरे हैं। लखनऊ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 365 है। जबकि सूचकांक शून्य से पचास हवा की गुणवत्ता के लिहाज से बहुत बेहतर माना जाता है। प्रदेश के पांच जिले ऐसे हैं जहां वायु प्रदूषण ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मुरादाबाद प्रदूषण के लिहाज से पहले स्थान पर है। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक पांच सौ है। जानकारों का कहना है कि मुरादाबाद की हवा सेहत के लिहाज से बेहद खराब है। खास तौर पर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को प्रदूषण के इस भयानक स्तर की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। हालांकि आज उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लंबी बैठकें की हैं लेकिन उन बैठकों से प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को त्वरित आराम मिले – यह मुमकिन नहीं है।

हवा में घुले जहर के लिहाज से गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का दूसरा ऐसा शहर है जहां रहने वाले भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 481 है, जबकि नोएडा का 468। लखनऊ के अलावा कानपुर प्रदेश का ऐसा चौथे नंबर का शहर है जहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 361 है। पहले से ही उद्योगों के प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित पूर्व के इस मैनेचेस्टर में लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। हालांकि प्रदूषण को समाप्त करने के लिए योगी सरकार ने बड़ी बैठकें जरूर की हैं लेकिन अब तक प्रदूषण से सर्वाधित प्रभावित अपने पांच शहरों में बच्चों को इससे दूर रखने के लिए स्कूलों को बंद करने का आदेश अब तक सरकार की तरफ से जारी नहीं किया गया है। प्रदेश में पांचवां सबसे प्रदूषित शहर है आगरा। यहां हवा में मिले प्रदूषण के जहर का स्तर 355 है। आगरा में जनता राष्टÑीय राजधानी क्षेत्र के निकट होने का खमियाजा भुगत रही है। लेकिन इस खमियाजे में हो रहे इजाफे में कमी लाने के ठोस प्रयास अब तक प्रदेश सरकार की तरफ से नहीं किए गए हैं। प्रदेश सरकार फसल कटने के बाद खेतों में बचे ठूंठ को न जलाने की अपील भी जल्द कर सकती है। इस बात की संभावना है कि प्रदेश के पांच शहरों को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए कठोर कदम योगी आदित्य नाथ की सरकार उठाएगी।

 

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