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लखनऊ एनकाउंटर: योगी के मंत्री के विवादित बोल, कहा- क्रिमिनल को ही लग रही गोली

लखनऊ के गोमती नगर में शनिवार (29 सितंबर) को तड़के 1.30 बजे मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास दो सिपाहियों ने एसयूवी में सवार 'एप्पल' के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी थी।

यूपी सरकार के सिंचाई मंत्री धर्म पाल सिंह। फोटो- facebook/ Dharam Pal Singh

यूूूूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने बिना अपराध किए ही एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या कर दी थी। लेकिन इस हत्या पर यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री ने कथित तौर पर विवादित बयान दे दिया है। मंत्री ने कहा कि पुलिस की गोली उन्हें ही लग रही है जो अपराधी हैं।

यूपी सरकार में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा,” एनकाउंटर में ऐसी कोई गलती नहीं हुई। उसी को गोली लग रही है जो वास्तव में अपराधी है। समाजवादी सरकार में जो गुंडाराज था, जो माफियाराज था, वही तीन-तड़ाम कर रहे हैं। बाकी सब ठीक है, अपराधी पर कोई समझौता नहीं किया जा रहा है।”

मंत्री धर्मपाल सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, देश का और प्रदेश का सौभाग्य है। खासतौर पर बनारस का सौभाग्य है कि नरेंद्र मोदी जी यहां से सांसद हैं। जहां से राजाओं का राज समाप्त होता है वहां से योगी राज प्रारंभ होता है। न्याय सबको, तुष्टिकरण किसी को नहीं। जो गलती करेगा उसको दंड मिलेगा। किसी भी हाल में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”

गौरतलब है कि लखनऊ के गोमती नगर में शनिवार (29 सितंबर) को तड़के 1.30 बजे मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास दो सिपाहियों ने एसयूवी में सवार ‘एप्पल’ के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी थी। गोली लगते ही उसका संतुलन बिगड़ा और वाहन डिवाइडर से टकरा गया। वहीं सिर पर गोली लगने से विवेक की मौके पर ही मौत हो गई। यह देखते ही दोनों आरोपी सिपाही मौके से भाग निकले।

दूसरे पुलिसकर्मियों ने विवेक को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने विवेक को मृत घोषित कर दिया। हादसे के वक्त विवेक तिवारी के साथ रहीं सना की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर गोलीबारी करने वाले कांस्टेबल प्रशांत कुमार और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है।

हालांकि गोरखपुर में पत्रकारों से बातचीत में योगी ने कहा, “लखनऊ में कोई एनकाउंटर नहीं हुआ है। पूरे मामले को लेकर डीजीपी को निर्देश दिया गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” वहीं उप्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओम प्रकाश सिंह ने कहा, “दोनों पुलिसकर्मियों ने गलती की है। इसीलिए उनके खिलाफ धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके बाद ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें जेल भेजा जाएगा।” डीजीपी ने यह भी कहा कि शाम तक दोनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया जाएगा।

वहीं मृतक विवेक तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री से मिलने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है। तिवारी की पत्नी ने कहा है कि वह खुद मुख्यमंत्री योगी से मिलना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “उप्र की पुलिस इस तरह किसी की हत्या कैसे कर सकती है।” उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री मिलने नहीं आएंगे, तब तक विवेक तिवारी का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों ने एक करोड़ रुपये और विवेक तिवारी की पत्नी को सरकारी नौकरी दिए जाने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है।

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