पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एलपीजी और ईंधन आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 जारी किया है जिसके तहत गैस के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जरूरी क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इस बीच पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण उत्तर प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच , राज्य भर के कई होटल बंद हो सकते हैं।

लखनऊ के अमीनबाद इलाके में मशहूर मधुरिमा रेस्टोरेंट चलाने वाले विनीत कुमार गुप्ता ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “अगर आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो अगले दो-तीन दिनों में स्थिति कैसी होगी, इसका हमें कोई अंदाजा नहीं है।” गुप्ता ने कहा कि एक रेस्टोरेंट आमतौर पर प्रतिदिन दो से तीन एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करता है और त्योहारों के मौसम में इसकी मांग और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा, “अगर स्थिति ऐसी ही बनी रहती है तो हममें से कुछ लोग अपने रसोईघरों को चालू रखने के लिए डीजल या कोयले का सहारा लेने की कोशिश कर सकते हैं लेकिन हर व्यंजन को इस तरह से नहीं पकाया जा सकता। एलपीजी सिलेंडर हमारे लिए जरूरी हैं।”

रेस्टोरेंट्स का कहना- उनके पास सीमित मात्रा में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हैं

वाराणसी में एक रेस्टोरेंट चलाने वाले राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि उनके पास सीमित मात्रा में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हैं जो कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमें खबर मिल रही है कि नए सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो रही है अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो रेस्टोरेंट मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हममें से कुछ को तो अपना कारोबार अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ सकता है।”

आगरा में होटल चलाने वाले अनूप गुप्ता ने बताया कि उनका होटल मौजूदा सिलेंडरों से ही काम चला रहा है। गुप्ता ने कहा, “अगर आपूर्ति बाधित होती है तो होटल में ठहरे मेहमानों के लिए भोजन और नाश्ता तैयार करना हमारे लिए मुश्किल हो जाएगा।”

भारत में एलपीजी की अधिकांश मांग आयात के माध्यम से पूरी होती है

भारत में एलपीजी की अधिकांश मांग आयात के माध्यम से पूरी होती है और इस मात्रा का 80% से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्वपूर्ण मार्ग से आता है जहां ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।

लखनऊ के एक एलपीजी वितरक ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता आपूर्ति में बदलाव को लेकर अनिश्चितता है। वितरक ने कहा, “असली समस्या तब आएगी जब मौजूदा स्टॉक खत्म हो जाएगा। हमें अभी तक अधिकारियों से इस बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है कि स्थिति कब सुधरेगी इसलिए एलपीजी सिलेंडरों में ईंधन भरवाना एक चुनौती बन सकता है।” कुछ वितरकों ने यह भी कहा कि संभवतः बड़े व्यापारियो द्वारा सिलेंडरों की कमी की आशंका में उनका स्टॉक करने से संकट और बढ़ गया हो।

उत्तर प्रदेश एलपीजी वितरक संघ के पूर्व अध्यक्ष डीपी सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि असली चिंता व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए है। उन्होंने कहा, “फिलहाल, हम अपने पास उपलब्ध सीमित स्टॉक से पंजीकृत ग्राहकों को सिलेंडर की आपूर्ति कर रहे हैं। हालांकि, 19 किलो के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर फिलहाल वितरकों को नहीं दिए जा रहे हैं जिससे उन व्यवसायों को कठिनाई हो सकती है जो इन पर निर्भर हैं।”

डीपी सिंह ने आगे कहा कि आवश्यक सेवाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति जारी रखी जा रही है। सिंह ने कहा, “अस्पतालों और अन्य आवश्यक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति जारी है।” सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति को घरों के लिए प्राथमिकता दी गई है।

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एलपीजी और ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 जारी कर गैस के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने का फैसला किया है। इस आदेश के तहत घरेलू PNG, CNG, उर्वरक और जरूरी इंडस्ट्रीज जैसे प्राथमिक क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें